
हैदराबाद. तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। यहां के जिला कलेक्टर ने सेन्सिटाईस-इंसेटिवाइस अभियान चलाया है, इसके तहत लोगों को दो किलो प्लास्टिक कूड़े के बदले 6 अंडे दिए जा रहे हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने वातावरण और लोगों के स्वास्थ्य की चिंता के मद्देनजर सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाने का फैसला किया है। इसके बाद ही जिला प्रशासन ने यह अभियान शुरू किया।
3 महीने में इकट्ठा हुआ 14,900 किलो प्लास्टिक
इस हफ्ते की शुरुआत में कामारेड्डी जिला कलेक्टर सत्यनारायण ने घोषणा की कि प्लास्टिक के खिलाफ इस तरह के अभियान की देखरेख पंचायत, मंडल और पालिका स्टाफ करेगा। इसके अलावा जिला के अफसरों द्वारा एनजीओ और ट्रेडर्स की एक कमेटी बनाई है जो प्लास्टिक के बदले अंडे दिलाने का काम कर रही है।
जिला कलेक्टर के मुताबिक, पिछले तीन महीने में 3 न्यायपालिकाओं में इस अभियान के तहत 14,900 किलो प्लास्टिक इकट्ठा की गई है। सत्यनारायण इस अभियान को जन आंदोलन बनाना चाहते हैं।
कूड़े के बदले अंडा देने के पीछे क्या है कारण?
सत्यनारायण ने मीडिया से बातचीत में कहा, सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करना चाहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने सोचा कि हम भी कुछ नई पहल करनी चाहिए। इसलिए हमने 2 किलो प्लास्टिक कचरा देने पर 6 और एक किलो प्लास्टिक पर 3 अंडे देने का फैसला किया है। अंडे देने के फैसले को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, "हमने सिंगल प्लास्टिक के खतरों के बारे में लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य रखा है। अंडों का वितरण लोगों को स्वास्थ्य के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए है।
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