
अयोध्या. उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो चुका है। वरिष्ठ वकील के. परासरण समेत तमाम ऐसे लोग थे, जिन्होंने अयोध्या में 'रामलला विराजमान' के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया और आखिर में फैसला उनके हक में आया। जिसके बाद शनिवार को अयोध्या के कारसेवक पुरम में इन लोगों और उनके परिजन को सम्मानित किया गया। विश्व हिंदू परिषद नेताओं दिनेश चंद्र और ओम प्रकाश ने तमिलनाडु के वयोवृद्ध वकील के परासरण को सम्मानित किया। महिलाओं को साध्वी ऋतम्भरा ने सम्मानित किया। इस अवसर पर अयोध्या के प्रमुख मठों और मंदिरों के संत मौजूद रहे। बता दें कि वरिष्ठ वकील के परासरण ने सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान का पक्ष रखा।
पक्षकारों को किया गया सम्मानित
रामलला विराजमान के हक में फैसला आने के बाद पक्षकार मदुरै के योगेश्वरन, भरत कुमार, कमलेश्वर नाथ, वैद्यनाथन, हरीश वैद्यनाथन, मुकुल सिंह और जमोहन परासरण सहित करीब तीन दर्जन वकीलों को राम नामी और प्रस्तावित मंदिर के मॉडल के चित्र का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा है कि वह मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट का गठन करे। वहीं, कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह भी कहा है कि वह मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन भी उपलब्ध कराए।
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