
कोटा. देश में सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर विवाद छिड़ा है। इस बीच राजस्थान के कोटा में एक महिला आर्थिक जनगणना करने पहुंचे तो लोगों ने समझा कि वह सीएए से जुड़ा कोई सर्वे कर रही है। आरोप है कि गुस्से में लोगों ने उससे बदसलूकी की। महिला ने बताया कि उसका फोन छीन लिया और सारा डेटा डिलीट कर दिया। पुलिस ने हमले के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
'कुरान की आयत सुनाने के लिए कहा'
पीड़िता महिला का नाम नजीरन बानो है। उसने बताया कि लोगों को लगा कि मैं सीएए के लिए सर्वे कर रही हूं। इसके बाद कुछ लोगों ने मेरा मोबाइल छीन लिया और उसमें डेटा अपडेट करने वाले एप्लिकेशन को डिलीट कर दिया। इसके बाद कुरान की आयत सुनाने के लिए कहा।
- नजीरन के मुताबिक, भीड़ चाहती थी कि वह साबित करें कि वह सचमुच मुस्लिम हैं। इसके लिए कुरान की आयत सुनाने को कहा। हालांकि जब नजीरन ने अपनी पर्स में मौजूद अयात-अल-कुर्सी दिखाया, तब उन्हें जाने दिया गया।
'1000 घरों का डेटा सेव था'
नजीरन ने बताया कि उस वक्त 1000 घरों का डेटा उसमें सेव था। नजीरन ने कहा, मैंने उन्हें समझाया कि यह आर्थिक जनगणना के आंकड़े हैं और पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं, मगर वे नहीं माने और मुझसे धक्का-मुक्की करने लगे।
बंगाल में हुई थी ऐसी बदसलूकी
हालांकि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पश्चिम बंगाल में भी ऐसा मामला देखने को मिला था, जहां एक मुस्लिम महिला का घर तक जला दिया गया था। मामला पश्चिम बंगाल के वीरभूम का था।
- वीरभूम जिले के मयूरेश्वर 1 नंबर ब्लाक के गौरबाजार के रहने वाली चुमकी खातून एक एनजीओ में काम करती हैं। किसी काम से वह ग्रामीण महिलाओं के बीच गईं और फोन के जरिए डाटा एंट्री कराने लगीं। लेकिन इस बीच अफवाह फैल गई कि वह एनआरसी के लिए डाटा जुटा रही है।
घर में लगा दी आग
इस गलतफहमी में गुस्साए लोगों ने चुमकी खातून के घर में आग लगा दी। चुमकी ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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