
नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइनें इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अपने A320 फ़ैमिली एयरक्राफ़्ट में तकनीकी समस्या को ठीक करने में लगी हैं। इसमें A319s, A320 CEOs और नियोस, A321 CEOs और नियोस शामिल हैं। एयरबस ने चेताया है कि तेज़ सोलर रेडिएशन के कारण फ़्लाइट कंट्रोल डेटा प्रभावित हो सकता है। इस वजह से शनिवार, 29 नवंबर को कुछ फ्लाइट्स में देरी या कैंसलेशन की संभावना बनी हुई है।
A320 फ़ैमिली के कई एयरक्राफ़्ट में सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर रीअलाइनमेंट की जरूरत है। एयरबस के मुताबिक तेज़ सोलर रेडिएशन से डेटा प्रभावित हो सकता है, जिससे फ़्लाइट कंट्रोल सही से काम नहीं कर पाता। भारतीय ऑपरेटरों के पास लगभग 560 एयरक्राफ़्ट हैं, जिनमें से 200-250 एयरक्राफ़्ट पर बदलाव जरूरी है। इस बदलाव में सॉफ्टवेयर फिक्स और हार्डवेयर इंस्पेक्शन शामिल हैं। एयरलाइनें इस दौरान फ़्लाइट ऑपरेशन में रुकावट और देरी कम से कम करने की कोशिश कर रही हैं।
अगर आप 29 नवंबर या उसके आसपास यात्रा करने वाले हैं, तो ध्यान दें:
एयरलाइन ने यात्रियों से खेद जताया है और कहा कि पूरा फ्लीट रीसेट होने तक असुविधा हो सकती है।
सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर रीअलाइनमेंट से फ्लाइट कंट्रोल सही तरीके से काम करेगा, जिससे भविष्य में किसी भी तकनीकी गड़बड़ी से बचा जा सके। एयरबस के मुताबिक यह वैश्विक गाइडेंस है, इसलिए सभी ऑपरेटरों को इसका पालन करना जरूरी है।
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