
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए होने वाले लेन-देन को लेकर फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं। इन खबरों में दावा किया जा रहा है कि अगर महीने में कम से कम एक बार इस सिस्टम का इस्तेमाल करके लेन-देन नहीं किया गया, तो आधार ट्रांजैक्शन की सुविधा ब्लॉक कर दी जाएगी। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के फैक्ट चेक विभाग ने इस खबर की सच्चाई बताई है।
क्या है दावा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों में कहा जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने आधार बैंकिंग में बदलाव किए हैं। इन बदलावों के तहत, अब हर महीने कम से कम एक बार आधार के जरिए लेन-देन करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम की सुविधा ब्लॉक कर दी जाएगी। इसके अलावा, यह भी दावा किया जा रहा है कि बैंक अकाउंट से मोबाइल नंबर लिंक कराना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
क्या है सच्चाई?
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के फैक्ट चेक विभाग ने आधार बैंकिंग से जुड़े इन दावों को पूरी तरह से फर्जी बताया है। PIB ने साफ कहा है कि हर महीने आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए लेन-देन न करने पर सर्विस ब्लॉक नहीं की जाएगी।
आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) एक ऐसी सुविधा है जिसके जरिए आप अपने आधार कार्ड और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए बैंकिंग लेन-देन कर सकते हैं। इस सिस्टम के जरिए आप पैसे निकाल सकते हैं, इंटरबैंक और इंट्राबैंक फंड ट्रांसफर कर सकते हैं, और अपना बैलेंस चेक कर सकते हैं। AePS का इस्तेमाल करने के लिए आपको सिर्फ अपने बैंक अकाउंट नंबर, आधार नंबर और फिंगरप्रिंट की जरूरत होती है।
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