फिर से अपनी लय में आया मानसून, आजकल में पूर्वी एमपी-छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में प्री-मानसून की बौछारें

Published : Jun 11, 2022, 06:20 AM ISTUpdated : Jun 11, 2022, 06:27 AM IST
फिर से अपनी लय में आया मानसून, आजकल में पूर्वी एमपी-छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में प्री-मानसून की बौछारें

सार

दक्षिण पश्चिम मानसून (south west monsoon) को आगे बढ़ने के लिए फिलहाल अनुकूल परिस्थितियां मिली हुई हैं। इस समय कई राज्य लू की चपेट में हैं। टेम्परेचर भी हाई है। लेकिन कुछ दिनों में कई राज्यों में प्री मानसून से गर्मी से राहत मिलेगी। जानिए क्या कहता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान...

मौसम डेस्क. दक्षिण पश्चिम मानसून (south west monsoon) के लिए गोवा, दक्षिण महाराष्ट्र, कर्नाटक के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, दक्षिण आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों और पश्चिम मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। मुंबई में प्री मानसून बारिश से लोग खुश नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों के दौरान कर्नाटक, केरल और माहे और लक्षद्वीप में हल्की या मध्यम बारिश और आंध्र प्रदेश और यानम और तमिलनाडु, पुडुचेरी और करईकल और तेलंगाना में हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली-NCR में 27 जून तक मानसून पहुंचने की संभावना है। (यह तस्वीर मुंबई की है, जहां प्री मानसून के कारण बारिश हो रही है)

इन राज्यों में बारिश की संभावना
स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार,  अगले 24 घंटों के दौरान, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत, तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, कोंकण और गोवा और तटीय आंध्र प्रदेश के एक या दो हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, मराठवाड़ा, दक्षिण मध्य प्रदेश, गुजरात के कुछ हिस्सों, लक्षद्वीप और पश्चिमी हिमालय में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग( India Meteorological Department) का पूर्वानुमान है कि बिहार, आंतरिक ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तरी पंजाब, उत्तरी हरियाणा और दक्षिणपूर्व राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम में बदलाव की ये हैं वजहें
चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है। एक ट्रफ रेखा इस चक्रवाती परिसंचरण से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल की तलहटी में बांग्लादेश तक फैली हुई है। एक अन्य ट्रफ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से आंतरिक ओडिशा तक फैली हुई है, और यह समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक देखी जा रही है।

ऐसा रहा बीते दिन का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून को अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज करने के साथ दिल्ली में लू की स्थिति में कोई कमी नहीं आई। साल के इस हिस्से में यह सामान्य से चार डिग्री अधिक था। आईएमडी ने कहा कि सफदरजंग बेस स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक था। मौसम विभाग के अनुसार आर्द्रता( humidity) 36 से 16 प्रतिशत के बीच रही।

ऐसा रह सकता है टेम्परेचर
IMD ने आजकल के लिए उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की भविष्यवाणी नहीं की है। आजकल के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है और इसके बाद अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।

देश में लू का असर
उत्तर पश्चिमी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू(heat wave)की स्थिति देखी गई। यहां अब भी लू का असर रहेगा। मौसम कार्यालय ने भी शनिवार को गरज और बिजली गिरने की संभावना के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहने की बात कही है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमश: 30 डिग्री सेल्सियस और 43 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बता दें कि गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण उत्तर पश्चिम और मध्य भारत 2 जून से लू की चपेट में है।

इन राज्यों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान, सिक्किम, असम के कुछ हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के उत्तरी तट पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिम बंगाल, शेष पूर्वोत्तर भारत, केरल, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तथा जम्मू कश्मीर और मराठवाड़ा के एक या दो हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रही। हरियाणा, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों के अलावा तेलंगाना, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, आंतरिक ओडिशा और पूर्वी बिहार में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई।

प्री मानसून की गतिविधियां
IMD के सीनियर आर के जेनामणि ने 12 जून से पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में प्री-मॉनसून गतिविधि की भविष्यवाणी की गई है, लेकिन उत्तरी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जाएगा।

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