
अहमदाबाद: अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हादसे ने सबको हिला कर रख दिया है। बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल, जहाँ विमान गिरा, वहाँ रवि नाम का एक युवक अपनी माँ और दो साल की बेटी के शव की तलाश कर रहा है। कॉलेज हॉस्टल के मेस में काम करने वाली उसकी माँ और छोटी बच्ची की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।
शारदाबेन ठाकुर, जो मेडिकल छात्रों और प्रोफेसरों के लिए खाना बनाती थीं, इस हादसे में अपनी दो साल की बेटी आध्या के साथ चल बसीं। रवि, उनका बेटा, हॉस्टल से खाना कॉलेज पहुँचाने का काम करता था। हादसे के वक़्त उसकी माँ और बेटी हॉस्टल में खाना बना रही थीं। हादसे के एक दिन बाद भी, डॉक्टर मृतकों के परिवार वालों के डीएनए सैंपल की जाँच कर रहे हैं। मलबे से और भी शव निकाले जा रहे हैं।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रवि हादसे के वक़्त सिविल अस्पताल में टिफिन बाँट रहा था। "12 जून हमारे लिए एक सामान्य दिन था। हर रोज की तरह, मैं दोपहर 1 बजे अस्पताल के कर्मचारियों और हॉस्टल के लिए खाना लेकर निकला। वापस आते समय मुझे पता चला कि एक विमान मेस से टकरा गया है। मेरी माँ जहाँ बैठा करती थीं, वो जगह पूरी तरह तबाह हो गई है।" रवि ने अपना डीएनए सैंपल दे दिया है और उसे उम्मीद है कि उसकी माँ और बेटी का शव मिल जाएगा। "हमें उनके बारे में कुछ नहीं पता। मैं उन्हें कहाँ ढूंढूँ? हमें 72 घंटे इंतज़ार करने को कहा गया है। हादसे वाली जगह पूरी छान मारी गई है।"
यह विमान एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था, जो 12 जून को दोपहर 1:38 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के 32 सेकंड के अंदर ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें 10 क्रू मेंबर्स और 2 पायलट समेत 242 लोग सवार थे। यह विमान लंदन के गैटविक हवाई अड्डे जा रहा था। हादसे में सिर्फ़ एक ब्रिटिश-भारतीय यात्री, विश्वास कुमार रमेश, ही बच पाया।
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