
नई दिल्ली. इजरायली दूतावास के पास 29 जनवरी को हुए बम ब्लास्ट में नया खुलासा हुआ है। इस हमले को ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। सुलेमानी की 3 जनवरी को इराक में बगदाद एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले में हत्या कर दी गई थी। ईरान को इजरायल पर शक है। बता दें कि ब्लास्ट में जो मटेरियल यूज किया गया था, उसकी तीव्रता 30 मीटर के दायरे में घातक थी। फोरेसिंक टीम को घटनास्थल से स्टील की बॉल बेयरिंग, वायर डिवाइस व पाउडर बरामद हुआ है। जिस संगठन ने ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है, उसका कुलभूषण जाधव की किडनैपिंग से भी कनेक्शन सामने आया है।
जैश उल हिंद ने ली जिम्मेदारी
इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी ‘जैश उल हिंद’ नामक संगठन ने ली है। यह ईरानी आतंकवादी संगठन ‘जैश-उल-अद्ल’ की आइडियोलॉजी से जुड़ा माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘जैश-उल-अद्ल’ सिस्तान और बलोचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना साल 2012 में जुंदाल्लाह नाम के एक सुन्नी कट्टरपंथी समूह के लोगों ने की थी। इस समूह को ईरान के अलावा जापान, न्यूजीलैंड और अमेरिका में आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है। 2018 में खुलासा हुआ था कि कुलभूषण जाधव को ईरान के चाबहार पोर्ट से मुल्ला उमर बलोच ईरानी नाम के आतंकी ने किडनैप किया था। यह ‘जैश-उल-अद्ल’से जुड़ा था। इसका खुलासा बलोच ऐक्टिविस्ट मामा कदीर बलोच ने एक इंटरव्यू में किया था।
आतंकी संगठन अलकायदा पर शक
जांच एजेंसी को घटनास्थल पर इजरायल के राजदूत के नाम संबोधित मिली चिट्ठी में सुलेमानी का जिक्र है। इजरायल के राजदूत रॉन मलका ने कहा कि अभी हमें लगता है कि ये एक आतंकवादी हमला है, जिसका निशाना इजरायली दूतावास था। इस मामले में पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगे हैं, जिसमें दो संदिग्ध दिख रहे हैं। पुलिस के हाथ एक चिट्ठी भी लगी है, जो ब्लास्ट वाली जगह से मिली। चिट्ठी में ब्लास्ट को एक ट्रेलर बताया गया है। इजराइली राजदूत के नाम भेजी गई चिट्ठी में लिखा है कि यह तो ट्रेलर है।
जांच एजेंसियों अब इस ब्लास्ट की जांच सुलेमानी की हत्या से जोड़कर भी कर रही हैं। पुलिस पिछले महीनेभर में दिल्ली के होटलों में रुके ईरानियों की जानकारियां जुटा रही है। इस मामले को स्पेशल सेल एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच कर रही है। इस बीच संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों, खासकर इजरायली नागरिकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जिस कैब में आरोपी आए थे, उसके ड्राइवर से स्केच बनाकर आरोपियों को ढूंढा जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। ब्लास्ट पर अब इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' भी नजर बनाए हुए है।
माना जा रहा है कि इस ब्लास्ट के पीछे आतंकी संगठन अलकायदा का हाथ है। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले अलकायदा ने ईमेल भेजकर हमले की धमकी भी दी थी। इसे लेकर आईबी ने अलर्ट भी जारी किया था। अलकायदा ने धमकी दी है कि यरूशलम कभी भी यहूदियों का नहीं हो सकता है। इस पर सिर्फ मुसलमानों का हक है। अलकायदा ने दुनियाभर में हमले करने की धमकी दी थी। बता दें कि जहां धमाका हुआ, वहां 7 इंच गड्ढा हो गया था। धमाके में 26 मीटर दूरी पर खड़ी दो कारों के शीशे चकनाचूर हो गए थे।
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