
नई दिल्ली. संसद भवन की नई इमारत कई मायनों में खास होने वाली है। नई इमारत आकार में तिकोनी होगी जिसमें तीन मिनारें होंगी। इसके साथ ही सभी कार्यालयों को जोड़ने के लिए अंडरग्राउंड शटल सर्विस भी होगी। इसके साथ ही इसमें प्रधानमंत्री के लिए एक नया आवास भी तैयार किया जा रहा है। इस नए घर सेंट्रल विस्टा को बनाने का ठेका गुजरात की कंपनी को मिला है।
इस कंपनी को मिला निर्माण का जिम्मा
इस साल 13 सितंबर को आवासन एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। इसके साथ ही इसके आर्किटेक्चर कंपनी की तरफ से निविदाएं भी जमा की गईं थीं। अक्टूबर में गुजरात की एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने पांच निविदाकर्ताओं को मात देते हुए ठेका हासिल किया था। इस कंपनी के प्रमुख डॉ. बिमल पटेल हैं।
म्यूजियम में परिवर्तित होगा नार्थ और साउथ ब्लॉक
साल 2024 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना हैं। इस पुनर्विकास परियोजना में शामिल एक अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मौजूदा नार्थ और साउथ ब्लॉक को म्यूजियम के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा। हालांकि अभी इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिली है लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें 1857 से पहले के इतिहास की जानकारियों को प्रदर्शित किया जाएगा। जबकि दूसरे में 1857 के बाद के भारत का इतिहास प्रदर्शित होगा।
पहले राष्ट्रपति फिर प्रधानमंत्री का होगा आवास
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसी भी मौजूदा धरोहर स्थल को गिराया नहीं जाएगा। अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति भवन के बाद अगला आवास प्रधानमंत्री का होगा। इसके बाद उपराष्ट्रपति का आवास होगा। अधिकारी ने नए संसद भवन के बारे में बताया कि यह अत्याधुनिक होने के साथ ही तीन मिनारों वाला होगा। ये तीन मीनार लोकतंत्र की भावना को प्रदर्शित करेंगी।
900-1000 सीटों वाला होगा संसद
नए संसद भवन की हर खिड़कियां अनोखे रूप से भारत की विविधता को दर्शाएंगी। लक्ष्य है कि नए भवन में संसद का 75वां एनिवर्सरी सेशन आयोजित किया जाए। नया संसद भवन 900-1000 सांसदों की क्षमता वाला लोकसभा, एक राज्य सभा और मौजूदा सेंट्रल हॉल की तर्ज पर एक कॉमन लॉन्ज होगा। इसमें सभी सांसदों को कार्यालय भी होंगे।
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