
बेंगलुरु। 2023 के चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह ने कर्नाटक में बड़ी पहल करते हुए असंतुष्ट विधायकों को मनाने का इंतजाम किया है। उन्होंने असंतुष्ट भाजपा विधायकों (केएस ईश्वरप्पा और रमेश जारकीहोली) को कैबिनेट में जगह देने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार को शनिवार को हरी झंडी दे दी।
अमित शाह ने मई में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जरूरी जमीनी स्तर की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए कर्नाटक में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र, भाजपा महासचिव और राज्य प्रभारी अरुण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष और राष्ट्रीय सचिव सीटी रवि जैसे पार्टी के अन्य नेता बैठक में शामिल हुए।
मैसूर क्षेत्र में पैठ बनाने की कोशिश में है भाजपा
दरअसल, भाजपा पुराने मैसूर क्षेत्र में पैठ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह क्षेत्र जनता दल (सेक्युलर) और कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ है। बीजेपी को इस क्षेत्र में अपनी पहली जीत 2019 में ही मिली। उस वक्त जद (एस) के एक नेता ने पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम लिया था। शुक्रवार को अमित शाह ने मैसूर क्षेत्र के मांड्या में जनसभा किया था। उन्होंने इस दौरान पूर्व प्रधान मंत्री और जद (एस) प्रमुख एचडी देवेगौड़ा के साथ मंच साझा किया था।
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जनसभा में अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस की सरकार ने इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ मामले वापस लिए थे। भाजपा की सरकार सत्ता में आई तो पीएफआई पर प्रतिबंध लगाया गया। इसके नेताओं को गिरफ्तार किया गया। बता दें कि मांड्या जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। इनमें से छह जद (एस) के पास है। एक भाजपा के पास है। बीजेपी ने इसे उपचुनाव में जीता था।
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