
Amit Shah Deepfake case: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरक्षण खत्म करने वाले बयान के कथित फेक वीडियो मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने डीपफेक वीडियो केस में अरुण रेड्डी को अरेस्ट किया है। रेड्डी, कांग्रेस के सोशल मीडिया सेल का नेशनल कोआर्डिनेटर बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, अरुण रेड्डी का काम वीडियो बनाने से लेकर उसे वायरल करने तक का है। अधिकारियों ने दावा किया कि अरुण रेड्डी ने अपने फोन से सबूतों को नष्ट किया। वह ट्वीटर हैंडल स्पिरिट ऑफ कांग्रेस का एडमिनिस्ट्रेटर है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अरुण रेड्डी तेलंगाना में कांग्रेस के सोशल मीडिया विंग में राष्ट्रीय समन्वयक के पद पर हैं। रेड्डी ने एडिटेड वीडियो को प्रसारित करने में भूमिका निभाई थी जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री कथित तौर पर कहते हुए सुने जा सकते हैं कि भाजपा अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियाँ और अन्य पिछड़ा वर्ग जातियों के लिए आरक्षण को खत्म कर देगी।
अधिकारियों ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने जिस अरुण रेड्डी नामक शख्स को अरेस्ट किया, उसने अपने फोन से सारे सबूत डिलीट कर दिए थे। उसके फोन को जब्त कर लिया गया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
दिल्ली पुलिस चाहती है रिमांड
दिल्ली पुलिस ने अरुण रेड्डी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ कर रही है। पुलिस ने कहा कि उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वह कोर्ट में ही अमित शाह के एडिटेड वीडियो मामले में अरुण रेड्डी के रोल को लेकर खुलासा करेगी। दिल्ली पुलिस यह भी चाहती है कि कोर्ट रेड्डी की कस्टडी दे ताकि जांच के लिए उससे आगे भी पूछताछ किया जा सके। इसके पहले हैदराबाद पुलिस ने तेलंगाना कांग्रेस के पांच सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को अरेस्ट किया था। इन सभी को दस-दस हजार रुपए के जुर्माना के साथ स्थानीय कोर्ट ने जमानत दे दी थी। साथ ही अगले आदेश तक जांच अधिकारी के सामने पेश होते रहने का आदेश दिया था।
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