
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और डॉक्टर्स से बात की और उनसे सांकेतिक विरोध प्रदर्शन न करने की अपील की। बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान हेल्थ वर्कर्स पर हमले के विरोध में डॉक्टर्स सांकेतिक प्रदर्शन का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विरोध में डॉक्टर्स सांकेतिक प्रदर्शन के तौर पर मोमबत्ती जलाने वाले हैं।
9 बजे कैंडल जलाकर विरोध करने वाले हैं
देश भर में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने ऐलान किया कि सभी डॉक्टर और कर्मचारी बुधवार रात 9 बजे कैंडल जलाकर विरोध जताए।
अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की
अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टर्स से बात की। उन्होंने सुरक्षा का आश्वासन दिया विरोध प्रदर्शन न करने की अपील की।
डॉक्टर्स क्यों किया विरोध प्रदर्शन का फैसला?
देश में कोरोना और लॉकडाउन के दौरान इंदौर सहित देश के तमाम हिस्सों में डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले हुए हैं। इससे डॉक्टर्स नाराज हैं। उन्होंने सख्त कानून बनाने की मांग की है। हालांकि आईएएम इससे पहले भी लगातार डॉक्टर्स के साथ मारपीट के खिलाफ केंद्रीय कानून बनाने की मांग करता रहा है।
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2019 में एक ड्राफ्ट जारी कर डॉक्टर्स पर हमले के दोषी को 10 साल की जेल और 10 लाख रुपए का जुर्माने का प्रावधान किया था। लेकिन यह अभी गृह मंत्रालय में अटका है। उनका कहना था कि अलग से कानून नहीं बनाया जा सकता है।
भारत में कोरोना के 20,272 केस
22 अप्रैल तक देश में कोरोना के 20,272 केस सामने आ चुके हैं। इसमें 15,651 केस एक्टिव हैं। 3976 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं 645 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में कोरोना के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं।
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