
Anant Ambani-Radhika Merchant Wedding: मुकेश-नीता अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की शादी सदियों तक याद रखी जाएगी। इस ग्रैंड वेडिंग को सिर्फ उसकी भव्यता ही नहीं बल्कि दिव्यता के लिए भी याद रखा जाएगा। भारत ही नहीं, एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के बेटे की शादी में पूरी दुनिया को सनातन संस्कृति को बेहद करीब से देखने का अवसर मिला। इस आलीशान विवाह में संस्कार, संस्कृति के साथ ही 'सरकार' का अनोखा संगम भी देखने को मिला।
1- संस्कार: ईश्वर को प्रथम निमंत्रण से इष्ट देवताओं के आह्वान तक
अनंत-राधिका के विवाह में अंबानी परिवार ने सभी सनातन संस्कारों को नियमपूर्वक निभाया। फिर चाहे ईश्वर को प्रथम निमंत्रण देना हो, या सप्तपदी में मंत्रोच्चार से अपने इष्ट (कुल देवता, ग्राम देवता, स्थान देवता) का आह्वान। पूरे विवाह समारोह में सनातन संस्कार की झलक देखने को मिली। सबसे पहले नीता अंबानी ने काशी जाकर भगवान भोलेनाथ को बेटे की शादी का निमंत्रण दिया।
अनंत-राधिका के विवाह में पवित्र 7 फेरों से पहले मुकेश अंबानी ने देश-विदेश से आए सभी मेहमानों का स्वागत किया। मुकेश ने अपने उद्बोधन में कहा- मैं अपने और अपने परिवार की तरफ से आप सभी मित्रों, मेहमानों और शुभचिंतकों का स्वागत करता हूं। मैं उन सभी धार्मिक गुरुओं का भी हृदय से अभिनंदन करता हूं, जो अनंत-राधिका को आशीर्वाद देने पहुंचे हैं। मैं और नीता यहां आए सभी मेहमानों का उचित ढंग से स्वागत नहीं कर पाए, इसके लिए क्षमा चाहता हूं। मेरी पत्नी नीता ने इस विवाह में पूरी दुनिया को भारतीय सनातन परंपरा की अनूठी झलक दिखाने के लिए काफी मेहनत की।
2- संस्कृति: बड़ों के पैर छुए, सनातन धर्म के सभी रीति-रिवाज निभाए
अनंत-राधिका की शादी में सनातन संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। मुकेश अंबानी ने भारतीय संस्कृति और वैवाहिक परंपरा का जिक्र करते हुए कहा- आप सभी की उपस्थिति में मैं पंच तत्वों का आह्वान करता हूं। अनंतकाल से ही विवाह हमें समाज, धर्म और अध्यात्म से जोड़ने का काम करता रहा है। जैसे भगवान विष्णु के हृदय में मां लक्ष्मी निवास करती हैं, वैसे ही अनंत भी राधिका को अपने दिल में बसाए रहेंगे। अनंत-राधिका ने विवाह के दौरान सभी बड़े-बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। दोनों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पैर छुए और उनसे शुभ आशीर्वाद पाया।
अनंत-राधिका के विवाह में ममेरू से लेकर मिलनी तक सभी रस्में भारतीय संस्कृति के अनुसार निभाई गईं। ममेरू रस्म में अनंत के मामा ने भांजे को तमाम तरह के उपहार दिए। इसके बाद 'मोसालु' की रस्म हुई, जो एक पारंपरिक गुजराती समारोह है। इसमें दूल्हे की मां का परिवार जोड़े को उपहार और आशीर्वाद देता है। इसके बाद हल्दी, मेहंदी, संगीत जैसी सभी रस्में हुईं, जिसमें पूरी फैमिली ने एकत्रित होकर समाज में परिवार की संस्कृति और उसके महत्व को बताया।
3- सरकार: क्या पक्ष, क्या विपक्ष...मानों सबका एक ही लक्ष्य
अनंत-राधिका के विवाह में अंबानी ने न सिर्फ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को निभाया, बल्कि राजनीति के धुर विरोधियों को भी एक मंच पर ले आए। भारत के सबसे भव्य विवाह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा सरकार में सहयोगी चंद्रबाबू नायडू से लेकर विपक्ष के बड़े-बड़े दिग्गज जैसे अखिलेश यादव, लालू प्रसाद यादव, कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, डीके शिवकुमार, ममता बनर्जी तक शामिल हुए। जो नेता मंच साझा करने से भी कतराते हैं, वो सभी इस विवाह में पहुंचे और वर-वधू को आशीर्वाद दिया। ऐसा लगा मानों क्या पक्ष, क्या विपक्ष…सभी वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए एक हो गए हों।
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