
तिरुपति। तमिलनाडु के तिरुपति जिले में रविवार को आग लगने से एक डॉक्टर और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। मामले की शुरुआती जांच में पता चला है कि आग शार्ट सर्किट के कारण लगी थी। घटना तिरुपति जिले के रेनीगुंटा इलाके की है। डॉ रेड्डी दूसरी मंजिल पर थे। आग लगने पर वह घर के अंदर की सीढ़ियों के माध्यम से नीचे आए थे। अधिकारियों को संदेह है कि इसी दौरान वह धुएं के चलते बेहोश होकर गिर गए और पूरी तरह से जल गए।
रेनीगुंटा थाना के पुलिस इंस्पेक्टर आरोहण राव ने बताया कि रविवार सुबह करीब 3 से 4 बजे डॉक्टर के घर की पहली मंजिल में आग लग गई थी। यह जल्द ही ग्राउंड फ्लोर और सेकंड फ्लोर तक फैल गई। डॉक्टर ने घर के ग्राउंड फ्लोर को क्लिनिक बनाया था। उसका परिवार पहली और दूसरी मंजिल पर रह रहा था। तीन मंजिला घर का निर्माण पांच साल पहले हुआ था।
इलाज के दौरान बच्चों ने तोड़ा दम
आरोहण राव ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल विभाग के जवान मौके पर पहुंचे। बचाव अभियान के दौरान डॉक्टर की पत्नी डॉक्टर अनंत लक्ष्मी और मां रामासुब्बम्मा को बचा लिया गया। डॉक्टर रवि शंकर ने जलने के बाद दम तोड़ दिया। उनके दो बच्चों (एक 12 साल का लड़का और एक 7 साल की बच्ची) की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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एक अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि मकान में बहुत सारे फर्नीचर और घरेलू उपकरण थे। इसके चलते आग तेजी से फैली। धुआं बाहर निकलने के लिए पर्याप्त दरवाजे और खिड़कियां नहीं थीं, इसलिए गैस चैम्बर बन गया था। इसकी वजह से आग बुझाने में देर हुई और डॉक्टर व उनके बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।
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