
मुंबई. महाराष्ट्र में एंटीलिया केस में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, मुंबई पुलिस से संस्पेंड अफसर सचिन वझे ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मंत्री अनिल देशमुख और अनिल परब पर वसूली के आरोप लगाए हैं।
हाथ से लिखे इस पत्र में सचिन वझे ने दावा किया है कि शरद पवार 2020 में मुंबई पुलिस में उसकी बहाली के खिलाफ थे, वे चाहते थे कि आदेश को रद्द कर दिया जाए। लेकिन अनिल देशमुख ने उनसे कहा कि अगर वे 2 करोड़ रुपए देंगे, तो वे शरद पवार को मना कर उनकी पुलिस में वापसी करा देंगे।
परमबीर सिंह के आरोपों पर लगी मुहर
सचिन वझे ने पत्र में लिखा, गृह मंत्री ने मुझे बताया कि वे उनकी बहाली के लिए पवार साहब को मना लेंगे और उन्होंने मुझसे 2 करोड़ रु मांगे। मैंने इतनी राशि देने में असमर्थता व्यक्त की थी। इस पर गृह मंत्री ने मुझसे बाद काम होने के बाद पैसे देने के लिए कहा।
सचिन वझे ने दावा किया कि अनिल देशमुख ने उन्हें अक्टूबर 2020 में एक गेस्ट हाउस में बुलाया और मुंबई के 1,650 बार और रेस्टोरेंट से पैसा इकट्ठा करने के लिए कहा था। वझे ने लिखा, मैंने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह मेरे दायरे से बाहर है।
2021 में भी की थी यही मांग
सचिन वझे के मुताबिक, जब वह जनवरी 2021 में अनिल देशमुख से उनके बंगले पर मिला था, तो उन्होंने फिर से वही मांग की। वझे ने दावा किया कि इस दौरान मंत्री के पीए कुंदन भी मौजूद थे। गृह मंत्री ने वझे से हर बार और रेस्टोरेंट से 3-3.5 लाख रुपए वसूलने के लिए कहा था।
वझे ने शिवसेना नेता का किया जिक्र
इतना ही नहीं सचिन वझे ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मंत्री और शिवसेना नेता अनिल प्ररब ने भी उससे वसूली के लिए कहा था। सचिन वझे ने दावा किया है कि वह अनिल परब से जुलाई-अगस्त 2020 में मिला था, उन्होंने सैफी बुरहानी अप्लिफ्टमेंट ट्रस्ट से 50 करोड़ रुपए वसूलने के लिए कहा था, ट्रस्ट के खिलाफ जांच चल रही थी।
सचिन वझे ने यह भी दावा किया कि अनिल परब ने उसे जनवरी 2021 में भी बुलाया था और 50 कॉन्ट्रैक्टरों के खिलाफ जांच के मामले को देखे और प्रत्येक से 2 करोड़ वसूल करे। हालांकि, अभी तक CIU यूनिट से इस मामले में जांच पेश नहीं की है।
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