
नई दिल्ली. आर्मी चीफ बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) स्वदेशी हथियारों के मामले में काफी उन्नति की है। DRDO लगातार प्रयास में है कि भारत की रक्षा संबंधी जरूरतें घरेलू उत्पादों से ही पूरी हों। उन्होंने कहा कि अगला युद्ध भारत स्वदेशी हथियारों के दम पर ही लड़ेगा और जीतेगा।
रावत डीआरडीओ की 41वीं डायरेक्टर्स कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि लगातार इस प्रयास में लगी है कि सेना की सभी जरूरतें स्वदेशी सिस्टम से हो। डीआरडीओ की देश में 52 लैब हैं।
डीआरडीओ पर सेना के लिए अनुसंधान और विकास के साथ विभिन्न क्षेत्रों जैसे एरोनॉटिक्स, लैंड कॉम्बेट इंजीनियरिंग, आर्मामेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मिसाइल और नौसेना प्रणाली जैसी जिम्मेदारियां हैं।
भविष्य के युद्धों के लिए तैयार हों हथियार
आर्मी चीफ ने कहा कि भारत में डिफेंस इंडस्ट्री की अभी शुरुआत हुई है। अब वक्त आ गया है कि हम आगे होने वाले युद्धों के लिए सिस्टम तैयार करने के बारे में सोचे और 'गैर-संपर्क युद्ध' सिस्टम पर ध्यान दें।
रावत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अलावा आने वाले भविष्य साइबर, स्पेस टेक्नोलॉजी, लेजर, इलैक्ट्रॉनिक्स युद्धों और रोबॉटिक्स का है। उन्होंने कहा कि हम आगे युद्धों के लिए इस्तेमाल होने वाले सिस्टम के बारे में सोच रहे हैं।
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