
नई दिल्ली. देश में CAA के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच 100 पाकिस्तानी हिंदुओं ने भारत में शरण मांगी है। अटारी वाघा बॉर्डर से भारत में दाखिल हुए सभी लोगों ने बताया कि पाकिस्तान में वो खुद को सुरक्षित नहीं महसूस कर पा रहे हैं। उनकी लड़कियों के अंदर भय है कि कभी भी उन्हें किडनैप किया जा सकता है। पुलिस भी ऐसे मामलों में मूक दर्शक बन कर देखती रहती है। शरणार्थियों ने बताया कि उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में हिंदू लड़कियां घर से बाहर नहीं निकल सकती।
पहले भी सामने आते रहे हैं मामले
पाकिस्तान में गैर मुस्लिम लोगों के साथ ज्यादती और बर्बरता के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। हाल ही में क्रिकेटर दानिश कनेरिया के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव का मामला सामने आया था, पर बाद में PCB का हस्तक्षेप होने पर सभी खिलाड़ी अपने बयान से पलट गए थे। मंदिर को तोड़ने और गैर हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराने की घटनाएं भी पाकिस्तान में आम हैं। यही वजह है कि इस देश में हिंदुओं की संख्या लगातार घट रही है।
भारत के पड़ोसी देशों के पीड़ित लोगों के लिए है CAA
हाल ही में भारत सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन करके भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के पांच धर्मों के नागरिकों को आसानी से देश की नागरिकता देने का प्रावधान बनाया है। जिसके जरिए धर्म के आधार पर प्रताड़ित होने वाले लोगों को भारत में नागरिकता दी जा सकेगी।
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