अच्युतापुरम की केमिकल फैक्ट्री में खतरनाक अमोनिया गैस का रिसाव, 150 से अधिक महिलाएं बेहोश

Published : Jun 03, 2022, 07:39 PM IST
अच्युतापुरम की केमिकल फैक्ट्री में खतरनाक अमोनिया गैस का रिसाव, 150 से अधिक महिलाएं बेहोश

सार

आंध्र प्रदेश के एक स्पेशल इकोनॉमिक जोन में स्थित केमिकल फैक्ट्री में अचानक से जहरीली गैस का रिसाव होने लगा। गैस की रिसाव की वजह से बगल की फैक्ट्री में काम कर रही डेढ़ सौ से अधिक महिलाएं बेहोश हो गईं। उनको आनन फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। 

विशाखापत्तनम। ब्रैंडिक्स स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Brandix Special Economic Zone) में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में खतरनाक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया है। कथित अमोनिया गैस के रिसाव (Susected Ammonia gas leak) की वजह से एक अपैरल फैक्ट्री के 150 से महिला कर्मचारी बेहोश हो गई। गंभीर हालत में महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। गैस का रिसाव बगल के केमिकल कंपनी के लैब से हुई है। 

क्या है पूरा मामला?

अच्युतापुरम के ब्रैंडिक्स स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में काफी संख्या में निर्माण इकाईयां हैं। शुक्रवार को अचानक से एक अपैरल निर्माण इकाई में काम करने वाली 150 से अधिक महिलाएं किसी संदिग्ध जहरीली गैस से बीमार पड़ने लगीं। कथित तौर पर पास में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री से अमोनिया गैस का रिसाव हुआ। अच्युतपुरम में एसईजेड के बाहर स्थित पोरस लैबोरेटरीज यूनिट से गैस का रिसाव हो रहा था लेकिन असर बगल के एक अपैरल इकाई में कार्यरत महिलाओं पर हुआ। फैक्ट्री में काम करने वाली करीब 150 महिला वर्कर्स आंखों में जलन, मतली और उल्टी की शिकायत के बाद तुरंत बेहोश हो गईं।

तत्काल आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराया गया

अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद कहा कि यूनिट में क्षतिग्रस्त स्क्रबर के कारण गैस रिसाव हुआ। एसईजेड में परिधान इकाई को तत्काल खाली करा दिया गया। साथ ही आसपास की अन्य फैक्ट्रियों को भी बंद कराने के साथ वहां कार्यरत लोगों को बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद पूरे इलाके को सेनेटाइज कर दिया गया है।
      
सीएम ने कहा-ऐसी घटनाओं की न हो पुनरावृत्ति

राज्य के उद्योग मंत्री गुडिवाड़ा अमरनाथ ने बताया कि प्रभावित श्रमिकों की हालत स्थिर है और स्थिति अब नियंत्रण में है। केवल कुछ वर्कर बेहोश हो गए, जबकि अधिकांश को आंखों में जलन और मतली का सामना करना पड़ा। उन्हें इलाज के लिए अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम के अस्पतालों में ले जाया गया।

अनाकापल्ली जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत कुमार ने कहा कि प्राथमिक उपचार के बाद कई कार्यकर्ता ठीक हो गए हैं। कुछ श्रमिकों को अनाकापल्ली के निजी अस्पतालों में ले जाया गया जहां हमने उन्हें निगरानी में रखा है। डीएमएचओ ने कहा कि किसी को कोई खतरा नहीं है। जिला पुलिस अधीक्षक गौतमी साली ने कहा कि वे घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। 

एपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी पोरस की इकाई में पहुंचे और इंजीनियरों के साथ मिलकर गैस रिसाव को बंद किया। मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने गैस रिसाव के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और उन्हें भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।

 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

कंधे पर कुदाल-माथे पर गमछा..चेहरे पर मुस्कान, मनरेगा बचाओ में राहुल-खड़गे का देसी लुक
22 जनवरी की 5 बड़ी खबरें: जम्मू में पलटी सेना की गाड़ी, सोना-चांदी सस्ते