
नई दिल्ली। मोदी सरनेम को लेकर दिए गए बयान के चलते मानहानी मामले में गुरुवार को सूरत के कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को दो साल जेल की सजा सुनाई है। इसको लेकर विपक्षी दल मोर्चाबंदी कर रहे हैं। राहुल गांधी के समर्थन में विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन से विजय चौक के लिए मोर्चा निकाला। विपक्षी सांसद अपने साथ “लोकतंत्र खतरे में है” लिखा पोस्टर लिए हुए थे। उन्हें पुलिस ने रोक दिया। पुलिस की ओर से कहा गया कि यहां धारा 144 लगाई गई है। इसलिए धरना-प्रदर्शन कानूनी अपराध है।
मल्लिकार्जुन खड़गे बोले-लोकतंत्र खत्म करने की हो रही कोशिश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "नरेंद्र मोदी जनता से कुछ छिपाना चाहते हैं। नीरव मोदी और माल्या जैसे बहुत से लोग हजारों करोड़ रुपए लूटकर देश से बाहर चले गए। मोदी उनके बारे में कुछ नहीं बोलते हैं। जनता का पैसा निकालकर अदाणी को दे दिया। आज उनके शेयर की कीमत गिर रही है तो एलआईसी और बैंकों को भी नुकसान हो रहा है। हम JPC की मांग कर रहे हैं। वो डर रहे हैं। हम लड़ते रहेंगे। एक जुट होकर लड़ रहे हैं।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "राहुल गांधी सच बोल रहे हैं। क्या यह गलत है? वे आज राहुल को भी बोलने नहीं दे रहे हैं। उनकी चाल है कि हम लूटते रहेंगे, तुम मुंह बंद कर रखो। राहुल गांधी ने बोलने की मांग के लिए पत्र दिया, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। इससे पता चलता है कि लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। अगर वे इसी राह पर चलते रहे तो तानाशाही आएगी। लोकतंत्र पर खतरा है, जिसके खिलाफ हम लड़ रहे हैं।"
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
दूसरी ओर राहुल गांधी को मिली सजा के खिलाफ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थिति पार्टी मुख्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं को विरोध मार्च निकालने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा पार्टी ऑफिस के बाहर बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस ने बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को रोका और बैरिकेड पार करने की कोशिश करने वालों को हिरासत में लिया।
लोकसभा पहुंचे राहुल
इससे पहले मानहानि मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद शुक्रवार को राहुल गांधी लोकसभा पहुंचे। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही स्थगित कर दी गई। कार्यवाही शुरू होने से पहले राहुल कांग्रेस सांसदों की बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं।
CBI-ED के 'दुरुपयोग' के खिलाफ 14 विपक्षी दलों ने लगाई SC में याचिका
दूसरी ओर 14 विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इसपर 5 अप्रैल को सुनवाई होगी। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का मनमाना इस्तेमाल किया जा रहा है।
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चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने विपक्षी दलों की ओर से पेश हुए वकील एएम सिंघवी की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने कहा कि 5 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई की जाएगी। सिंघवी ने कहा कि सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज किए जाने वाले 95 फीसदी मामले विपक्षी नेताओं के खिलाफ हैं। हम गिरफ्तारी से पहले और गिरफ्तारी के बाद के दिशा-निर्देश देने की मांग कर रहे हैं।
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