पैसे कमाने के लिए बेंगलुरु के एक कॉलेज ने अपनाया अनोखा तरीका, मांगा छात्रों की सैलरी में हिस्सा, सोशल मीडिया पर खूब हो रही फजीहत

Published : Jun 19, 2023, 09:49 AM ISTUpdated : Jun 19, 2023, 12:29 PM IST
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सार

बेंगलुरु के एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज ने छात्रों से प्लेसमेंट सेल फीस के रूप में उनकी सैलरी के 2.1 फीसदी हिस्से की मांग की है। पैसे नहीं देने पर कॉलेज डॉक्यूमेंट्स रोक रहा है।

बेंगलुरु। प्राइवेट कॉलेज पैसे कमाने के लिए छात्रों से तरह-तरह के शुल्क वसूल करते हैं। ऐसी सुविधाओं के भी पैसे वसूल कर लिए जाते हैं जो छात्रों को मिले भी नहीं, लेकिन बेंगलुरु का एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज तो इस मामले में काफी आगे बढ़ गया है। इस कॉलेज ने पैसे वसूलने का नया फॉर्मूला पेश किया है।

कॉलेज ने छात्रों से उनकी सैलरी का 2.1 फीसदी हिस्सा प्लेसमेंट सेल फीस के रूप में मांगा है। कॉलेज की यह डिमांड सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। लोग कॉलेज की खूब फजीहत कर रहे हैं। यूजर PurpleRageX ने कॉलेज की डिमांड का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

सैलरी का हिस्सा नहीं देने पर डॉक्यूमेंट्स रोक रहा कॉलेज

पोस्ट में कहा गया है कि कॉलेज ने छात्रों से मांग की है कि उन्हें कंपनी में प्लेसमेंट के बाद अपनी सैलरी का 2.1 फीसदी हिस्सा देना होगा। जिन छात्रों ने सैलरी का हिस्सा नहीं दिया है उनके डॉक्यूमेंट्स को कॉलेज रोक रहा है, जिससे छात्र को कंपनी में जॉब करने में परेशानी हो रही है।

फीस की मांग के पक्ष में कॉलेज ने नहीं दिया है ऑफिसियल डॉक्यूमेंट

प्लेसमेंट सेल फीस के लिए कॉलेज ने कोई ऑफिसियल डॉक्यूमेंट या सर्कुलर नहीं दिया है। पोस्ट में छात्रों के हवाले से कहा गया है कि कॉलेज छात्रों से मौखिक रूप से इस फीस की मांग कर रहा है। प्लेसमेंट होते ही सैलरी का हिस्सा मांगा जा रहा है। ऐसे छात्रों से भी पैसे मांगे जा रहे हैं जिन्होंने अभी कमाना शुरू भी नहीं किया है।

कॉलेज ने पहले भी छात्रों से लिया है उनकी सैलरी का हिस्सा

छात्रों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज ने उनके सीनियरों के साथ भी ऐसा ही किया था। जिन छात्रों की नौकरी विभिन्न कंपनियों में लगी उनसे उनकी सैलरी का हिस्सा लिया गया। पोस्ट में कॉलेज के नाम का जिक्र नहीं किया गया है। इस मामले में एक दूसरे यूजर ने अपना अनुभव शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “मैंने इस कॉलेज से स्नातक किया है। मैं कॉलेज में प्लेसमेंट के लिए कभी नहीं बैठा। इसके बाद भी मुझे अपनी सैलरी का हिस्सा प्लेसमेंट ट्रेनिंग फी के नाम पर देना पड़ा।”

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