
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के बीरभूम (Birbhum violence) के रामपुरहाट में टीएमसी नेता की हत्या के बाद सोमवार रात को 8 लोगों को जिंदा जला दिया गया था। बुधवार को इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बयान दिया। उन्होंने कहा, "मैं पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हुई हिंसक वारदात पर दुख व्यक्त करता हूं। पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। आशा करता हूं कि राज्य सरकार बंगाल की महान धरती पर ऐसा जघन्य पाप करने वालों को जरूर सजा दिलवाएगी।"
नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं बंगाल के लोगों से भी आग्रह करूंगा कि ऐसी वारदात को अंजाम देने वालों और ऐसे अपराधियों का हौसला बढ़ाने वालों को कभी माफ नहीं करें। केंद्र सरकार की तरफ से मैं राज्य को इस बात के लिए आश्वस्त करता हूं कि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने में जो भी मदद वो चाहेगी भारत सरकार मुहैया कराएगी।"
हाल के इतिहास में ऐसा नरसंहार नहीं देखा
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि हमने हाल के इतिहास में इस तरह का नरसंहार नहीं देखा है। लोकतंत्र में महिलाओं और बच्चों को जिंदा जलाए जाने से ज्यादा दर्दनाक कुछ नहीं हो सकता। वहीं, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रमुख और सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर संविधान के अनुच्छेद 355 को लागू करने का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पश्चिम बंगाल सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलती रहे।
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ममता बनर्जी करेंगी बीरभूम का दौरा
दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह गुरुवार को बीरभूम जिले का दौरा करेंगी। भाजपा पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि गुजरात और राजस्थान में भी ऐसी घटनाएं हुई हैं। इस मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में घटनास्थल पर जाने से रोक दिया गया। पुलिस ने बोगटुई गांव के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए हैं। सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि ये सबूत मिटाकर दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा नेताओं के मौके पर जाने पर ममता बनर्जी ने पहले कहा था कि यह बंगाल है, उत्तर प्रदेश नहीं है। मैंने तृणमूल के एक प्रतिनिधिमंडल को हाथरस भेजा था (जहां एक युवती की 2020 में सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी) लेकिन हमें एंट्री की अनुमति नहीं दी गई थी। हम यहां किसी को आने से नहीं रोक रहे हैं।
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