USAID Controversy: बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने अमेरिका स्थित यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह संगठन भारत में विदेशी हस्तक्षेप और विरोध प्रदर्शन भड़काने के लिए करोड़ों रुपये फंडिंग कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक नेता और समूह भारत के विकास को रोकने के लिए विदेशी ताकतों के उपकरण बन गए हैं।
एक वीडियो संदेश में राजीव चंद्रशेखर ने कहा: यह चौंकाने वाला खुलासा है कि USAID जैसी संस्थाएं भारत में करोड़ों रुपये फंडिंग कर रही हैं। इससे यह साबित होता है कि पिछले कुछ वर्षों में जो भी विरोध प्रदर्शन हुए, वे विदेशी फंडिंग से संचालित थे। इन प्रदर्शनों को सीमा पार से नियंत्रित किया जा रहा था और कुछ भारतीय नेता व वंशवादी राजनेता इन विदेशी ताकतों के हाथों के हथियार बन गए हैं। उन्होंने आगे कहा: भारत पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है लेकिन कुछ वैश्विक ताकतों को यह पसंद नहीं आ रहा है। वे भारत की प्रगति को रोकने और इसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि USAID ने भारत में वोटर टर्नआउट बढ़ाने के नाम पर 21 मिलियन डॉलर (200 करोड़ रुपये) आवंटित किए थे। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हस्तक्षेप बताया और सवाल उठाया कि यह फंड किन नेताओं और संगठनों को मिला?
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने भी USAID पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ पत्रकार और राजनेता विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह संसद में यह मुद्दा उठाएंगे और सरकार इस पर जांच करेगी।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भी हाल ही में USAID की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि यह एजेंसी भ्रष्टाचार और फिजूलखर्ची का केंद्र बन गई है और इसे बंद कर देना चाहिए। ट्रंप ने X पर लिखा: USAID का पैसा गलत हाथों में जा रहा है। यह एजेंसी पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और इसे बंद कर देना चाहिए।
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