
नई दिल्ली. 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। हालांकि, इस बार कोरोना के चलते 73 साल की परंपरा टूट जाएगी। दरअसल, आजादी के बाद से हर साल बजट दस्तावेज छपते थे। इसे पढ़कर ही वित्त मंत्री अपना भाषण पढ़ते थे। लेकिन इस बार कोरोना के चलते बजट 2021-22 के दस्तावेज नहीं छापे जा रहे हैं। सरकार को इसके लिए संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल गई है। अब संसद के सभी सदस्यों को बजट के दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी मुहैया कराई जाएगी।
ऐसे में इस बार बजट के दिन संसद के बाहर दस्तावेज पहुंचाने वाले ट्रक नजर नहीं आएंगे। हर साल वित्त मंत्रालय के प्रिंटिंग प्रेस में इन दस्तावेजों की छपाई होती थी। इसके चलते 100 से ज्यादा लोगों को दो हफ्ते तक एक ही जगह रखना होता है। लेकिन संक्रमण फैलने के डर से सरकार इतने लोगों को प्रिंटिंग प्रेस में नहीं रख सकती।
सांसदों को दिए गए थे दो विकल्प
सभी सांसदों को सॉफ्ट कॉपी के लिए मनाने में लोकसभा अध्यक्ष और उपसभापति को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बाद में सांसदों को दो विकल्प दिए गए। पहला सभी सांसदों को सॉफ्ट कॉपी दी जाए या दूसरा- किसी को नहीं। ऐसे में जो सांसद तकनीकी का इस्तेमाल नहीं करते, उनके लिए कॉपी छापना आसान नहीं था। बाद में सभी को सॉफ्ट कॉपी के लिए मनाया गया।
हलवा सेरेमनी पर भी सस्पेंस
हर साल वित्त मंत्रालय बजट दस्तावेजों की छपाई प्रक्रिया की शुरुआत के मौके पर हलवा सेरेमनी करता है। इसका आयोजन नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में होता है। अब सवाल यह है कि जब बजट छप नहीं रहा, तो हलवा सेरेमनी होगी या नहीं।
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