भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू पायलट बनीं 26 साल की कैप्टन अभिलाषा बराक

Published : May 25, 2022, 08:46 PM IST
भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू पायलट बनीं 26 साल की कैप्टन अभिलाषा बराक

सार

कैप्टन अभिलाषा बराक (Abhilasha Barak) लड़ाकू पायलट के रूप में आर्मी एविएशन कॉर्प्स (Army Aviation Corps) में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं हैं। उन्हें सितंबर 2018 में आर्मी एयर डिफेंस कोर में कमीशन मिला था। 

नई दिल्ली। कैप्टन अभिलाषा बराक (Captain Abhilasha Barak) कॉम्बैट आर्मी एविएशन कोर्स पूरा करने के बाद कॉम्बैट पायलट के रूप में आर्मी एविएशन कॉर्प्स (Army Aviation Corps) में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं हैं।

नासिक में कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित एक विदाई समारोह के दौरान उन्हें आर्मी एविएशन के महानिदेशक और कर्नल कमांडेंट द्वारा 36 अन्य सेना पायलटों के साथ प्रतिष्ठित विंग से सम्मानित किया गया। 26 साल की कैप्टन बराक हरियाणा की रहने वाली हैं। उन्हें सितंबर 2018 में आर्मी एयर डिफेंस कोर में कमीशन मिला था। वह कर्नल एस ओम सिंह (सेवानिवृत्त) की बेटी हैं। आर्मी एविएशन कॉर्प्स में शामिल होने से पहले उन्होंने कई पेशेवर सैन्य पाठ्यक्रम पूरे किए हैं।

कैप्टन बराक ने हाल ही में अपने एक इंटव्यू में कहा था कि वह सैन्य छावनियों में पली-बढ़ी हैं। वह हमेशा वर्दी पहने लोगों से घिरी रहीं। 2013 में भारतीय सैन्य अकादमी में बड़े भाई की पासिंग आउट परेड देखने के बाद मैंने भी सेना में शामिल होने का फैसला किया था। मुझे पता चल गया था कि मैं अपने जीवन में क्या करना चाहती हूं।

2018 में हुईं थी सेना में शामिल
कैप्टन बराक द लॉरेंस स्कूल, सनावर की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने 2016 में दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी टेक में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। 2018 में अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी चेन्नई से वह भारतीय सेना में शामिल हुईं थी। 

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एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि 2018 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई से अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मैंने आर्मी एविएशन कॉर्प्स चुना। जब मैं फॉर्म भर रही थी मुझे पता था कि मैं केवल ग्राउंड ड्यूटी भूमिका के लिए योग्य हूं, लेकिन मैंने पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट और कम्प्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली पास की। कहीं न कहीं मुझे हमेशा से पता था कि वह दिन दूर नहीं जब भारतीय सेना महिलाओं को लड़ाकू पायलटों के रूप में शामिल करना शुरू करेगी।

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