आगरा का पारस अस्पताल सील, संचालक पर एफआईआर, ऑक्सीजन बंद ले ली थी 22 लोगों की जान

Published : Jun 08, 2021, 10:22 AM ISTUpdated : Jun 08, 2021, 08:44 PM IST
आगरा का पारस अस्पताल सील, संचालक पर एफआईआर, ऑक्सीजन बंद ले ली थी 22 लोगों की जान

सार

आगरा के श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल की सुबह करीब 7 बजे मॉकड्रिल के चलते 22 मरीजों की मौत के आरोप के मामले से बवाल खड़ा हो गया है। पीड़ित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR की मांग को लेकर पीड़ितों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीड़ित परिवार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं।

आगरा, यूपी. ऑक्सीजन रोक कर कोविड मरीजों की जिंदगियां छीनने वाले पारस अस्पताल को सील कर दिया गया है। हरकत में आए प्रशासन ने अस्पताल संचालक के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है। 

यह था मामला

पारस अस्पताल की एक लापरवाही ने 22 मरीजों की जान ने ली थी। आरोप है कि अस्पताल ने 26 अप्रैल की सुबह करीब 7 बजे एक मॉक ड्रिल की थी। इस दौरान इन मरीजों की मौत हो गई थी। तब अस्पताल में 96 मरीज भर्ती थे। 

सुप्रीम कोर्ट में उठाएंगे मामला
सामाजिक कार्यकर्ता गजेंद्र शर्मा ने कहा कि वे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाने जा रहे हैं। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने कहा कि वे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(NHRC), महामारी लोकशिकायत समिति में मामला दर्ज कराएंगे। कांग्रेस भी न्यू आगरा थाने में शिकायत लेकर जाएगी। सांसद एसपी सिंह बघेल ने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है।

घटना के वीडियो आए सामने
मॉक ड्रिल के वीडियो वायरल हुए हैं। अस्पताल के संचालक डॉ. अरिन्जय जैन के चार वीडियो वायरल हुए हैं। इनमें वो ऑक्सीजन संकट पर अपनी बात कहते दिख रहे हैं। वीडियो में अस्पताल संचालक से कोई शख्स यह कहते भी सुना गया कि 22 लोग मर गए हैं। यह बातचीत 26 और 27 अप्रैल को ऑक्सीजन संकट को लेकर है। उस दिन ऑक्सीजन की भारी किल्लत थी।

कलेक्टर कर रहे हैं जांच होगी
इस मामल में कलेक्टर प्रभु नारायण ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 26 और 27 अप्रैल को ऑक्सीजन की कमी थी, लेकिन प्रशासन ने स्वास्थ्य महकमे के साथ मिलकर अस्पतालों तक ऑक्सीजन पहुंचाई थी। इसलिए इन वीडियो को प्रमाणिक नहीं मान सकते, फिर भी जांच कराई जाएगी।
   

वीडियो में कहते सुने गए अस्पताल के प्रबंधक-22 मरीज छंट गए

  • अस्पताल मैनेजमेंट-यह किसी को पता नहीं कि मॉक ड्रिल कराई....सिर्फ 5 मिनट में 22 मरीज छंट गए
  • दूसरा व्यक्ति-22 मरीज छंट गए...ओ..भाई साहब! कितने मिनट के लिए?
  • अस्पताल मैनेजमेंट-5 मिनट के लिए...मरीज छटपटा गए..नीले पड़ने लगे...मॉल ड्रिल से 22 छंट गए...हमने सोची चलो...जे बचे...74 बचे...इन्हें टाइम मिल जाएगा..फिर कहा अपना-अपना सिलेंडर लाओ..सबसे बड़ा प्रयोग यही था।
  • दूसरा व्यक्ति-सबसे बड़ा प्रयोग यही था।

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