महाराष्ट्र: CBI ने अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज की FIR, पूर्व कमिश्नर ने लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप

Published : Apr 24, 2021, 10:17 AM ISTUpdated : Apr 24, 2021, 10:21 AM IST
महाराष्ट्र: CBI ने अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज की FIR, पूर्व कमिश्नर ने लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप

सार

महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दरअसल, मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखकर वसूली के आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस केस में सीबीआई जांच की मांग की थी।

मुंबई. महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दरअसल, मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखकर वसूली के आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस केस में सीबीआई जांच की मांग की थी। 
हाईकोर्ट से अनुमति के बाद सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। शनिवार को सीबीआई ने कई ठिकानों पर छापेमारी भी की। उधर, भ्रष्टाचार के आरोप के बाद अनिल देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वे एनसीपी कोटे से महाराष्ट्र सरकार में मंत्री थे। 

क्या है मामला?
दरअसल, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एंटीलिया और मनसुख केस में आरोपी पुलिस अफसर सचिन वझे को संरक्षण दिया था। इतना ही नहीं सिंह का आरोप था कि देशमुख ने वझे को मुंबई से 100 करोड़ रुपए हर महीने वसूली करने के लिए भी कहा था।

इस मामले में परमबीर सिंह ने केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। वहीं, अनिल देशमुख को पद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, देशमुख ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

सचिन वझे ने भी स्वीकारे आरोप 
हाल ही में मुंबई पुलिस से संस्पेंड अफसर सचिन वझे के राष्ट्रीय जांच एजेंसी को लिखा पत्र सामने आया है। इसमें वझे ने मंत्री अनिल देशमुख और अनिल परब पर वसूली के आरोप लगाए हैं। हाथ से लिखे इस पत्र में सचिन वझे ने दावा किया है कि शरद पवार 2020 में मुंबई पुलिस में उसकी बहाली के खिलाफ थे, वे चाहते थे कि आदेश को रद्द कर दिया जाए। लेकिन अनिल देशमुख ने उनसे कहा कि अगर वे 2 करोड़ रुपए देंगे, तो वे शरद पवार को मना कर उनकी पुलिस में वापसी करा देंगे। सचिन वझे ने दावा किया कि अनिल देशमुख ने उन्हें अक्टूबर 2020 में एक गेस्ट हाउस में बुलाया और मुंबई के 1,650 बार और रेस्टोरेंट से पैसा इकट्ठा करने के लिए कहा था। वझे ने लिखा, मैंने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह मेरे दायरे से बाहर है।

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