महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को सीबीआई का सम्मन, 14 अप्रैल को होगी पूछताछ

Published : Apr 12, 2021, 06:19 PM ISTUpdated : Apr 12, 2021, 06:32 PM IST
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को सीबीआई का सम्मन, 14 अप्रैल को होगी पूछताछ

सार

सीबीआई ने पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को सम्मन भेजा है। सीबीआई अनिल देशमुख से 14 अप्रैल को पूछताछ करेगी।  

मुंबई। 100 करोड़ रुपये उगाही के मामले में सीबीआई ने पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को सम्मन भेजा है। सीबीआई अनिल देशमुख से 14 अप्रैल को पूछताछ करेगी।

बांबे हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

बांबे हाईकोर्ट ने सीबीआई को पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की प्रारंभिक जांच का आदेश दिया था। बांबे हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद महाराष्ट्र में सियासी भूचाला आ गया था। अनिल देशमुख को कोर्ट के आदेश के कुछ ही घंटों में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 

हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ गए थे सुप्रीम कोर्ट

हालांकि, अनिल देशमुख व महाराष्ट्र सरकार ने बांबे हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कहा है कि बांबे हाईकोर्ट ने उनका पक्ष सुने बगैर सीबीआई जांच का आदेश दिया है। उधर, पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के पहले ही उनके खिलाफ केस लड़ रही मुंबई की अधिवक्ता जयश्री पाटिल ने कैबिएट लगाते हुए यह अनुरोध किया था कि कोर्ट देशमुख या महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर कोई आदेश देने के पहले उनका भी पक्ष सुनें। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद किसी प्रकार से राहत अनिल देशमुख को नहीं दी थी।  
 
देशमुख ने दिया था इस्तीफा 

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने अपने पद से बीते सोमवार को इस्तीफा दिया है। बांबे हाईकोर्ट द्वारा गृहमंत्री के खिलाफ सीबीआई से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मांगे जाने के बाद देशमुख पर इस्तीफा का दबाव बढ़ गया था। साथ ही महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है। पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख पर पुलिस विभाग से सौ करोड़ रुपये उगाही का लक्ष्य देने का आरोप लगाया था। 

महाराष्ट्र के ताकतवर नेता हैं देशमुख

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के ताकतवर नेताओं में अनिल देशमुख शुमार हैं। पांचवी बार से विधायक चुने जा रहे अनिल देशमुख एनसीपी कोटे से महाविकास आघाड़ी गठबंधन वाली महाराष्ट्र सरकार में गृहमंत्री हैं। विदर्भ क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले 70 वर्षीय देशमुख भाजपा के फणनवीस सरकार के कार्यकाल को छोड़ दें तो 1995 से लगातार मंत्री हैं। देशमुख 1995 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में कटोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। इसके बाद से वह 1999, 2004, 2009 व 2019 में जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2014 में अनिल देशमुख को हार का सामना करना पड़ा था।
 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

गैंगस्टर अबू सलेम को 14 दिन की पैरोल देने से सरकार का इनकार, अब क्या बचा आखिरी रास्ता?
45 लाख के गहने देख भी नहीं डोला मन, सफाईकर्मी की ईमानदारी देख सीएम ने दिया इनाम