
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में ड्रोन से आतंकी साजिश का पर्दाफाश होने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ साथ सेना भी अलर्ट मोड पर है। सीडीएस बिपिन रावत ने मैरिटाइम कमांड और एयर डिफेंस कमांड की स्थापना का ऐलान किया है। मैरिटाइम कमांड सागर के खतरों को देखते हुए तो एयर डिफेंस कमांड एयरस्पेस की सुरक्षा और निगरानी के लिए बनाया जाएगा।
क्यों है यह जरूरी?
सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि जम्मू एयरबेस पर ड्रोन से हुआ हमला ताजा उदाहरण है। नई तकनीक सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए आतंकी इस्तेमाल कर रहे हैं। एयरडिफेंस कमांड की जिम्मेदारी सभी एयर क्राफ्ट, हेलीकाॅप्टर या फिर ड्रोन या अन्य हवा में खतरा पैदा करने वाले उपकरणों की निगरानी होगी।
इसी तरह हिंद महासागर में दूसरे देशों की धमक बढ़ने के पहले हमको अपनी सीमाओं को मजबूत करना होगा। मैरिटाइम कमांड की स्थापना का उद्देश्य भारत के सागरीय क्षेत्र की सुरक्षा और निगरानी करना है।
सीडीएस ने बताया कि 15 अगस्त से एयर डिफेंस कमांड काम करना प्रारंभ कर देगा। यह भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौ सेना के संसाधनों को नियंत्रित करेगा। इस कमांड के पास हवाई दुश्मनों से हथियारों, प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होगी। एयर डिफेंस कमांड की कमान एयरफोर्स के थ्री स्टार अफसर के हाथों में होगी।
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