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जम्मू-कश्मीर में बाैखलाए आतंकवादी: लगातार तीसरे दिन फिर दिखे संदिग्ध ड्रोन, सेना हाई अलर्ट पर

जम्मू-कश्मीर में मैदान में सुरक्षाबलों के आगे हार मान चुके आतंकवादी अब ड्रोन के जरिये लगातार हमले की साजिश रच रहे हैं। मंगलवार की सुबह एक बार फिर सेना के बेस के ऊपर संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे गए।

Terrorism in Jammu and Kashmir, suspicious drones seen again kpa
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Jammu and Kashmir, First Published Jun 30, 2021, 9:31 AM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ सुरक्षाबलों की कड़ी कार्रवाई से बौखलाए आतंकवादी संगठन अब ड्रोन के जरिये हमले की साजिश रच रहे हैं। कालूचक और कुंजवानी इलाकों में मंगलवार सुबह फिर से 2 ड्रोन देखे गए। यह लगातार तीसरा दिन है, जब इस तरह की संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। सेना के सूत्रों ने हवाले से बताया गया कि एक ड्रोन सुबह 4.40 मिनट पर कालूचक इलाके में, जबकि दूसरा ड्रोन 4.52 मिनट पर कुंजवानी में दिखा। ये दोनों इलाके एयरफोर्स स्टेशन के 7-10 किलोमीटर के दायरे में हैं। ड्रोन 800 मीटर की ऊंचाई पर उड़ते दिखे। मामले की जांच के लिए NIA के डीजी जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे हैं।

सोमवार को प्रधानमंत्री ने की थी हाईलेवल मीटिंग
जम्मू-कश्मीर में ड्रोन हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक हाईलेवल मीटिंग की थी। केंद्र सरकार अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से डिफेंस फोर्सेस को लैस करने की रणनीति बना रही है। पीएम मोदी ने मीटिंग में सुरक्षा के सारे इंतजाम पुख्ता करने और इसके लिए जरूरी सारे उपकरणों की खरीद पर चर्चा की है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल आदि मौजूद थे। मीटिंम में भविष्य में डिफेंस सेक्टर के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए आर्म्ड फोर्सेस को अत्याधुनिक हथियारों व उपकरणों से सुसज्जित करने पर फैसला हुआ। 

ड्रोन से जम्मू एयरबेस पर हुआ था हमला
जम्मू एयरबेस के पास 26-27 जून की रात में पांच मिनट के अंतराल में दो ड्रोन हमला किया गया था। हमले के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई है। पहला ब्लास्ट रात 1.37 बजे और दूसरा 1.42 बजे हुआ। डिफेंस पीआरओ के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हादसे में एयरफोर्स के दो कर्मचारी मामूली घायल हुए थे। बताया जा रहा है कि ड्रोन का लक्ष्य एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर था।

लगातार उड़ रहे ड्रोन
जम्मू हमले की शुरुआती जांच में पता चला है कि इसके पीछे पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे आतंकी संगठन लश्कर का हाथ है। ड्रोन के जरिये विस्फोटक आरडीएक्स युक्त आईईडी आईएएफ बेस पर गिराए गए थे। धारा 370 हटने के बाद से बौखलाए आतंकी संगठन अब ड्रोन के जरिये आतंक फैलाने की साजिश रच रहे हैं। सोमवार देर रात भी जम्मू के रत्नुचक इलाके के कुंजवानी में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखी गई थीं। इस बीच गृह मंत्रालय ने ड्रोन मामलों की जांच नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी(NIA) को सौंप दी है। एजेंसी जम्मू पहुंचकर जांच कर रही है।

सुरक्षाबलों की कार्रवाइयों से बौखलाए आतंकी संगठन
सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाइयों से आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। माना जा रहा है कि आतंकी संगठन लश्कर और जैश अब ड्रोन के जरिये हमले करने की साजिश रच रहा है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर पिछले कुछ सालों में ड्रोन गतिविधियां बढ़ी हैं। इन ड्रोन का नियंत्रण पाकिस्तान से हो रहा है।

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