
नई दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह उन राज्यों के साथ विचार-विमर्श कर रही है जिन्हें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) तैयार करने के संबंध में आशंकाए हैं।
सरकार ने यह जानकारी लोकसभा में दी
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में पी सी गद्दीगौदर के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘सरकार उन राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श कर रही है, जिन्हें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) तैयार करने के संबंध में आशंकाए हैं। एनपीआर फाउंडेशन की प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक परिवार और व्यक्ति के जनसांख्यिकीय आंकड़े और अन्य विवरण अद्यतन य एकत्रित किये जा रहे हैं।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में कोई दस्तावेज एकत्र नहीं किया जाना है।
NRC में नाम नहीं आने पर असम के लोग 120 दिनों के भीतर कर सकते हैं अपील
राय ने अब्दुल खलीक के एनआरसी के संबंध में एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि यदि असम में कोई व्यक्ति अंतिम एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) में अपने नाम को शामिल किये जाने से संबंधित दावों और आपत्तियों के निर्णय के परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वह विदेशी व्यक्ति (अधिकरण) आदेश, 1964 के तहत गठित नामित अधिकरण के समक्ष ऐसे आदेश की तारीख से 120 दिन की अवधि के भीतर अपील कर सकता है।
असम से कांग्रेस सदस्य खलीक ने यह भी पूछा था कि क्या विदेश मंत्री ने असम के अंतिम रूप से तैयार एनआरसी को मंत्रालय के किसी ट्विटर हैंडल के माध्यम से ऐतिहासिक, संवैधानिक और वैज्ञानिक दस्तावेज करार दिया है जिस पर मंत्री ने ‘नहीं’ में जवाब दिया।
(ये खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई/भाषा की है। एशियानेट हिन्दी न्यूज ने सिर्फ हेडिंग में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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