
नई दिल्ली: कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रुख के खिलाफ केंद्र सरकार है. महिला एवं बाल विकास मंत्री, अनुपूर्णा देवी ने ममता के इस कदम पर गहरी नाराजगी जताते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि बलात्कार के मामलों में आरोपियों के लिए भारतीय दंड संहिता में कड़ी सजा का प्रावधान है, लेकिन राज्य सरकार ने 48,600 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की है.
मंत्री अनुपूर्णा देवी ने बंगाल की मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में फास्ट ट्रैक अदालतों को 'दिखावा' बताया है. आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग के खिलाफ विभिन्न संगठन भी सामने आए हैं. पीपुल्स यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टी ने आरोप लगाया है कि ममता सरकार डॉक्टर की हत्या में अपनी नाकामी को छिपाने की कोशिश कर रही है. इस बीच, आरोपियों को मौत की सजा देने के लिए कानून बनाने के लिए बंगाल में कल से विशेष विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है.
डॉक्टर की हत्या के विरोध में बढ़ते प्रदर्शनों के बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि आरोपियों को मौत की सजा सुनिश्चित करने वाला विधेयक अगले हफ़्ते विधानसभा में पारित किया जाएगा. ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया था कि 10 दिनों के भीतर सजा सुनिश्चित करने के लिए कानून में संशोधन किया जाएगा. पारित विधेयक राज्यपाल को भेजा जाएगा. ममता ने यह भी कहा था कि अगर राज्यपाल ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए तो वह राजभवन के सामने धरना देंगी. ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार और उत्पीड़न के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तेजी से सुनिश्चित करने के लिए विशेष कानून बनाने की मांग की थी.
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