
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के मामले में सुनवाई हुई है। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने सरकार से पूछा कि माल्या के प्रत्यर्पण में देरी क्यों हो रही है तो सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत ने दिया था, लेकिन अबतक इसका कोई असर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार के पास अभी कोई जानकारी नहीं है। तुषार ने कोर्ट को यह भी बताया कि UK में "गुपचुप" सुनवाई चल रही है जिसकी वजह से माल्या के प्रत्यर्पण में देरी हो रही है।
दो नवंबर तक सुनवाई टली
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को विजय माल्या के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान यह खुलासा हुआ है। हालांकि कोर्ट ने साफ जवाब न देने के लिए भगोड़े कारोबारी के वकील को फटकार लगाई और सुनवाई दो नवंबर के लिए टाल दी। उच्चतम न्यायालय ने भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या के वकीलों से कहा कि वे दो नवंबर तक बताएं कि माल्या कब अदालत के समक्ष पेश हो सकता है और गोपनीय कार्यवाही कब समाप्त होगी।
बता दें कि विजय माल्या बंद किंगफिशर एयरलाइंस के लिए बैंकों से नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं करने के मामले में आरोपी हैं। वह वर्तमान में ब्रिटेन में रह रहे हैं, सरकार उन्हें प्रत्यर्पित करने की कोशिश कर रही है।
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