
नई दिल्ली। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में देश में एक्सपायर्ड वैक्सीन लगाने का दावा किया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को इन रिपोर्ट्स का खंडन किया। उसने कहा कि कि भारत में एक्सपायर्ड टीके लगाने का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्ट झूठी और भ्रामक हैं। बयान में कहा गया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि भारत में राष्ट्रीय COVID-19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एक्सपायर्ड टीके लगाए जा रहे हैं। यह गलत और भ्रामक है और अधूरी जानकारी पर आधारित है।
केंद्र सरकार द्वारा जारी बयान में गया है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने पहले 22 फरवरी 2021 को कोवैक्सीन की शेल्फ लाइफ को 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने और कोविशील्ड की शेल्फ लाइफ को 6 महीने से बढ़ाकर 9 महीने करने की मंजूरी दी थी। यानी कोवैक्सीन की एक्सपायरी उसके निर्माण के 12 महीने और कोविशील्ड की एक्सपायरी निर्माण के 9 महीने बाद होगी।
परीक्षण के डेटा के आधार पर बढ़ती है लाइफ
केंद्रीय मीडिया विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है- वैक्सीन निर्माता समय-समय पर अपनी वैक्सीन की स्टैबिलिटी पर परीक्षण करते रहते हैं। इस परीक्षण का डेटा राष्ट्रीय नियामक को भेजा जाता है। इसी के तहत सभी वैक्सीन की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जाती है।
कोवैक्सीन ने 24 महीने लाइफ करने की रखी थी मांग
भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने अप्रैल में डीसीजीआई (DGCI) को अर्जी देकर कोवैक्सीन की शेल्फ लाइफ को 6 महीने से बढ़ाकर 24 महीने करने की मांग थी। कंपनी ने कहा था कि इसके लिए वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री तापमान पर स्टोर करने की जरूरत होगी। शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए कंपनी ने रियल टाइम स्टेबलिटी डेटा भी सरकार को मुहैया कराया था। हालांकि, अभी इस वैक्सीन की शेल्फ लाइफ 12 महीने ही है।
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