
Mig 21 Retire Indian Air Force: भारतीय वायुसेना के मिग-21 विमान ने शुक्रवार को अपनी सेवा को अलविदा कह दिया। चंडीगढ़ एयरबेस पर आयोजित एक समारोह में इस फाइटर जेट को विदाई दी गई। अब से इस विमान की सेवाएं आधिकारिक तौर पर खत्म हो चुकी हैं। इस विदाई समारोह में एयरफोर्स चीफ एपी सिंह ने 23 स्क्वाड्रन के 6 जेट के साथ मिग-21 की आखिरी उड़ान भरी। MiG-21 के रिटायरमेंट समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा मंत्रालय के कई अधिकारी शामिल हुए।
मिग-21, भारतीय वायुसेना का पहला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान था और इसने 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में पाकिस्तान को कड़ी टक्कर दी थी। इस विमान ने पाकिस्तान के एफ-16 जैसे जेट को भी मात दी थी। मिग-21 की स्पीड साउंड की गति से भी ज्यादा तेज थी। 26 सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित फ्लाईपास्ट और विदाई समारोह के साथ मिग-21 का भारतीय वायुसेना में अध्याय समाप्त हो जाएगा। यह विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े में 62 साल पहले शामिल किया गया था।
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MiG-21 का भारत के साथ एक गहरा और ऐतिहासिक संबंध रहा है। 1965 और 1971 के युद्धों से लेकर करगिल युद्ध और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक तक इस विमान ने भारतीय वायुसेना के लिए अहम भूमिका निभाई। भारत ने कुल मिलाकर लगभग 1200 MiG-21 विमान खरीदे और ऑपरेट किए। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में बार-बार हुई दुर्घटनाओं और विमान की तकनीकी सीमाओं के कारण इसे उड़ता ताबूत भी कहा जाने लगा।
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