सिर्फ राजनेता ही नहीं भारतीय इकोनॉमी पर भी चीन की नजर, अंबानी-प्रेमजी की कंपनियों की भी हो रही जासूसी

Published : Sep 15, 2020, 10:52 AM ISTUpdated : Sep 15, 2020, 01:50 PM IST
सिर्फ राजनेता ही नहीं भारतीय इकोनॉमी पर भी चीन की नजर, अंबानी-प्रेमजी की कंपनियों की भी हो रही जासूसी

सार

सीमा पर चल रहे विवाद के बीच चीन को लेकर एक और खुलासा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि चीन सिर्फ राजनेताओं पर ही नहीं बल्कि भारतीय इकोनॉमी पर नजर बनाए हुए है। चीन की सरकार से जुड़ी झेन्हुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी भारत के टेक स्टार्टअप्स, पेमेंट ऐप से लेकर मुकेश अंबानी और प्रेमजी जैसे उद्योगपतियों की भी जासूसी कर रही है। 

नई दिल्ली. सीमा पर चल रहे विवाद के बीच चीन को लेकर एक और खुलासा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि चीन सिर्फ राजनेताओं पर ही नहीं बल्कि भारतीय इकोनॉमी पर नजर बनाए हुए है। चीन की सरकार से जुड़ी झेन्हुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी भारत के टेक स्टार्टअप्स, पेमेंट ऐप से लेकर मुकेश अंबानी और प्रेमजी जैसे उद्योगपतियों की भी जासूसी कर रही है। यह खुलासा अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी पड़ताल के दूसरे हिस्से में किया है। इससे पहले अखबार ने खुलासा किया था कि चीनी कंपनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत 10 हजार लोगों की जासूसी कर रही है। 

झेन्हुआ के डेटाबेस में भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ीं 1400 एंट्रीज मिली हैं। इनमें अजीम प्रेमजी की कंपनी से लेकर मुकेश अंबानी तक की कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल, महिंद्रा ग्रुप के सीएफओ अनीष शाह पर भी नजर रखी जा रही है। 

इन लोगों की हो रही जासूसी
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेमजी इन्वेस्ट से चीफ चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर टी के कुरियन, महिंद्रा के ग्रुप सीएफओ अनीष शाह, रिलायंस ब्रांड्स के सीटीओ पीके एक्स थॉमस, रिलायंस रिटेल के सीईओ ब्रायन बेड की निगरानी की जा रही है। 

 इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की कंपनी द्वारा रेलवे में इंटर्नशिप कर रहे स्टूडेंट से लेकर बड़ी कंपनियों के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर तक सभी की निगरानी की जा रही है। इस लिस्ट में स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के फाउंडर भी शामिल हैं। 

इन एंटरप्रेन्योर पर भी नजर

  • फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल
  • जोमैटो के फाउंडर दीपेंदर गोयल
  • स्विगी के को-फाउंडर नंदन रेड्डी
  • पेयू के बिजनेस हेड नमीत पोन्टिस

डिजिटल सेक्टर की कंपनियों की भी हो रही निगरानी
मोदी सरकार लगातर डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रही है। ऐसे मे चीन की कंपनी डिजिटल पेमेंट ऐप्स के साथ साथ डिजिटल हेल्थ और डिजिटल एजुकेशन सेक्टर की कंपनियों पर भी नजर बनाए हुए है। 

इन कंपनियों की भी हो रही ट्रैकिंग

  • पेटीएम
  • रेजरपे
  • फोन पे
  • बिगबास्केट
  • डेली बाजार
  • एवेन्यूज पेमेंट
  • सीसी एवेन्यूज
  • जोमैटो, स्विगी

मोदी समेत 10 हजार लोगों की भी हो रही जासूसी
इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनका परिवार, कई कैबिनेट मंत्री, कई मुख्यमंत्री और पूर्व सीएम समेत 10 हजार लोगों की चीनी कंपनी द्वारा जासूसी की जा रही है।

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