
नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने झारखंड सरकार (Jharkhand Government) गिराने की संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव होने की वजह से तमाम कांग्रेस नेता उनके संपर्क में रहते हैं। पूर्वोत्तर के भाजपा के नेता सरमा ने कहा कि तमाम कांग्रेस नेता उनके पुराने दोस्त हैं और वह लोग असम में या दिल्ली में उनसे मिलते रहते हैं। इसमें कोई साजिश की बात नहीं है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने कहा कि कांग्रेस नेता मुझसे पुराने दोस्तों के रूप में संपर्क में रहते हैं। मैं उस पार्टी में 20 साल से अधिक समय से था। अगर वे यहां आते हैं तो वे मुझसे मिलते हैं और मैं उनसे नई दिल्ली में भी मिलता हूं। 2015 में भाजपा में शामिल होने वाले सरमा ने यह बयान तब दिया जब कांग्रेस ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में गिरफ्तार झारखंड के तीन विधायक असम के मुख्यमंत्री के संपर्क में थे।
कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा झारखंड में झामुमो की गठबंधन सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है, प्रत्येक विधायक को 10 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है, साथ ही मंत्री पद का वादा भी कर रही है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद झारखंड कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल ने दावा किया, 'राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी मुझे कोलकाता जाने के लिए कह रहे थे और प्रति विधायक 10 करोड़ रुपये देने का वादा कर रहे थे। इफरान अंसारी और राजेश कच्छप मुझे ले जाना चाहते थे। कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि कोलकाता से गुवाहाटी के लिए उन लोगों को जाना था, गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ एक बैठक तय की गई थी।'
महाराष्ट्र में सरकार गिराने में सरमा की रही है महत्वपूर्ण भूमिका
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार गिरने से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है। महाराष्ट्र शिवसेना के बागी विधायक, एकनाथ शिंदे की अगुवाई में गुवाहाटी में काफी दिनों तक एक फाइव स्टार होटल में रूके थे। इस होटल को असम सरकार ने पूरी तरह अभेद्य किला में तब्दील कर दिया था। जिस दिन पश्चिमी राज्य के विधायक शहर पहुंचे थे, उस दिन सरमा खुद लग्जरी होटल गए थे। राज्य के वरिष्ठ मंत्री और पुलिस अधिकारी भी उस प्रवास के दौरान नियमित रूप से होटल में देखे जाते थे।
क्या है झारखंड का मामला?
बंगाल में नकदी के ढेर के साथ हिरासत में लिए गए झारखंड कांग्रेस के तीन विधायकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की जांच के लिए सीआईडी को आदेश दिया है। तीनों विधायकों को कांग्रेस ने तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि तीनों विधायक ऑपरेशन लोटस को अंजाम देने के लिए पैसों की लेनदेन किए थे और झारखंड सरकार को गिराने की साजिश रच रहे थे।
हावड़ा (ग्रामीण) की पुलिस अधीक्षक स्वाति भंगालिया ने कहा कि झारखंड के तीन कांग्रेस विधायकों को पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में पुलिस ने शनिवार शाम को रोका। तलाशी में उनके वाहन में भारी मात्रा में नकदी मिली है। एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई है। एसयूवी में विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी यात्रा कर रहे थे। उनको पंचला थाना क्षेत्र के रानीहाटी में राष्ट्रीय राजमार्ग -16 पर रोका गया था। उन्होंने कहा कि कुल राशि का पता लगाने के लिए कैश काउंटिंग मशीनें लाई जा रही हैं। विधायकों से भी पूछताछ की जा रही है कि पैसे का स्रोत क्या था और इसे कहां ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कहा कि विधायकों के अलावा, एसयूवी में दो अन्य व्यक्ति भी थे। पुलिस की तलाशी में पकड़ी गई गाड़ी टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूपी पर 'जामतारा विधायक' लिखा हुआ है। इरफान अंसारी जामताड़ा से विधायक हैं, जबकि कच्छप रांची जिले के खिजरी से विधायक हैं और कोंगारी सिमडेगा जिले के कोलेबिरा से विधायक हैं।
यह भी पढ़ें:
प्रधानमंत्री आवास और राजभवनों का घेराव करेगी कांग्रेस, 5 अगस्त को सामूहिक गिरफ्तारी देंगे कांग्रेसी
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.