
कांग्रेस का घोषणापत्र। 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस आज शुक्रवार (5 अप्रैल) को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। घोषणा पत्र में मुख्यतः पांच न्याय या न्याय के पांच स्तंभ पर फोकस रखा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेता कथित तौर पर घोषणा पत्र जारी करने के मौके पर मौजूद थे। कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में पांच न्याय पर जोर दिया है, जिसमें 'युवा न्याय', 'नारी न्याय', 'किसान न्याय', 'श्रमिक न्याय' और 'हिस्सेदारी न्याय' के साथ-साथ लोगों से की गई गारंटी भी शामिल है।
पहली बार कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए अपने चुनावी घोषणा पत्र के हिस्से के रूप में युवाओं को 'रोजगार का अधिकार' देने का भी वादा किया है।समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, घोषणा पत्र में कांग्रेस से देश में पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानून और सजा का प्रस्ताव करने और सरकारी भर्ती में पारदर्शिता लाने के उपाय सुझाने की उम्मीद है। कांग्रेस के घोषणापत्र में देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और जाति-आधारित जनगणना की कानूनी गारंटी पर भी ध्यान केंद्रित होने की संभावना है।
कांग्रेस पार्टी से घोषणा पत्र से कई उम्मीद
कांग्रेस पार्टी से घोषणा पत्र के द्वारा उम्मीद की जा रही है कि वो समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा वो सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी की कल्याणकारी उपायों पर जोर दिया जाए। समाज से वंचित लोगों को न्याय मिले और राज्य कल्याण उपायों का हिस्सा बनें।द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना के वादे को खारिज कर सकती है।
पार्टी ने विधानसभा चुनावों से पहले एक मजबूत चुनावी पिच बनाई थी और जिन राज्यों में वह सत्ता में आई, वहां उसने इसे वापस कर दिया। कांग्रेस के घोषणापत्र में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 को खत्म करने का भी वादा किया जाएगा, जिसका दायरा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2015 और 2019 में संशोधनों के माध्यम से प्रवर्तन निदेशालय को मजबूत किया था।
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