
नेशनल डेस्क. देश में लगातार तेल के दाम बढ़ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सप्ताह में सारे दिन महंगे दिन हैं, जिस दिन तेल की कीमतें ना बढ़े उसे बीजेपी को अच्छा दिन घोषित कर देना चाहिए। प्रियंका गांधी ने तेल के बढ़ते दामों को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा,'भाजपा सरकार को सप्ताह के उस दिन का नाम 'अच्छा दिन' कर देना चाहिए जिस दिन डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी न हो। क्योंकि महंगाई की मार के चलते बाकी दिन तो आमजनों के लिए 'महंगे दिन' हैं।
राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने महंगाई संबंधी कई सारी हेडलाइन्स की एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है, 'महंगाई का विकास!'. रॉबर्ट वाड्रा ने भी ट्वीट करते हुए एलान किया है जबतक तेल के दाम कम नहीं हो जाते वो अपने दफ्तर अपनी साइकिल से ही जाया करेंगे। आम जनता के लिए अच्छे दिन नहीं है बल्कि महंगे दिन हैं।'
राजस्थान सीएम ने भी किया ट्वीट
उधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सिलसिलेवार ट्वीट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि 'तेल की बढ़ती कीमतें मोदी सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है। उन्होंने लिखा है, 'पेट्रोल-डीजल की कीमतों से आमजन त्रस्त हैं। पिछले 11 दिनों से लगातार दाम बढ़ रहे हैं। यह मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का नतीजा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल UPA के समय से आधी हैं लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।'
गहलोत अपने ट्वीट में आगे लिखते हैं,'मोदी सरकार पेट्रोल पर 32.90 रुपए एवं डीजल पर 31.80 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी लगाती है। जबकि 2014 में यूपीए सरकार के समय पेट्रोल पर सिर्फ 9.20 रुपए एवं डीजल पर महज 3.46 रुपए एक्साइज ड्यूटी थी। मोदी सरकार को आमजन के हित में अविलंब एक्साइज ड्यूटी घटानी चाहिए। मोदी सरकार ने राज्यों के हिस्से वाली बेसिक एक्साइज ड्यूटी को लगातार घटाया है और अपना खजाना भरने के लिए केवल केन्द्र के हिस्से वाली एडिशनल एक्साइज ड्यूटी एवं स्पेशल एक्साइज ड्यूटी को लगातार बढ़ाया है। इससे अपने आर्थिक संसाधन जुटाने के लिए राज्य सरकारों को वैट बढ़ाना पड़ रहा है।'
मध्यप्रदेश से की राजस्थान की तुलना
राजस्थान सीएम ने आगे लिखा है, 'कोविड के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है एवं राज्य का राजस्व घटा है, लेकिन आमजन को राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने पिछले महीने ही वैट में 2% की कटौती की है। मोदी सरकार ऐसी कोई राहत देने की बजाय पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोज बढ़ा रही है। कुछ लोग अफवाह फैलाते हैं कि राजस्थान सरकार पेट्रोल पर सबसे अधिक टैक्स लगाती है इसलिए यहां कीमतें ज्यादा हैं। भाजपा शासित मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर राजस्थान से ज्यादा टैक्स लगता है इसीलिए जयपुर में पेट्रोल की कीमत भोपाल से कम है।'
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