Corona: दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट को मिला Omicron नाम, काफी खतरनाक हो सकता यह स्ट्रेन

Published : Nov 27, 2021, 04:55 AM ISTUpdated : Nov 27, 2021, 06:18 AM IST
Corona: दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट को मिला Omicron नाम, काफी खतरनाक हो सकता यह स्ट्रेन

सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट B.1.1.529 को ओमीक्रॉन (Omicron) नाम दिया है। कोरोना का नया वेरिएंट तेजी से दुनिया में फैल रहा है।

नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस (Corona Virus) के नए वैरिएंट B.1.1.529 को ओमीक्रॉन (Omicron) नाम दिया है। WHO ने बताया कि महामारी का यह स्ट्रेन काफी खतरनाक हो सकता है। यह वेरिएंट कई म्यूटेशन वाला है। इससे संक्रमण फिर से बढ़ सकता है। दक्षिण अफ्रीका के लगभग सभी प्रांतों में इस वेरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। 

दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना का नया वेरिएंट तेजी से दुनिया में फैल रहा है। हॉन्गकॉन्ग और बोत्सवाना के बाद इजराइल और बेल्जियम में भी नए वेरिएंट से संक्रमित लोग मिले हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाली फ्लाइटों पर रोक लगा दिया है। फ्रांस ने 48 घंटे के लिए दक्षिण अफ्रीका से आने वाली सभी उड़ानों को सस्पेंड कर दिया है। ब्रिटेन ने अफ्रीका के 6 देशों से आने वाली फ्लाइट्स पर फिलहाल रोक लगा दिया है। इनमें दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, बोत्सवाना, जिंबाब्वे, लिसोथो और एसवाटिनी शामिल हैं।

जर्मनी ने साउथ अफ्रीका आने-जाने वालों पर लगाया बैन
जर्मनी ने भी साउथ अफ्रीका आने-जाने वाले नागरिकों के यात्रा पर बैन लगाने का फैसला किया है। जर्मनी के हेल्थ मिनिस्टर जेंस स्पॉन ने शुक्रवार को कहा- नए नियम शुक्रवार रात से लागू होंगे, अफ्रीका के आस-पास के देशों पर भी ट्रवेल बैन लगाया जा सकता है। वैक्सीन लगे होने के बावजूद जर्मनी के नागरिकों को देश पहुंचने पर 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रहना होगा।

कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर भारत में भी अलर्ट जारी किया गया है। हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना और इजराइल से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए सभी एयरपोर्ट्स को निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। राज्यों से कहा गया है कि वे दक्षिण अफ्रीका, हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना और इजराइल से आने वाले यात्रियों की अच्छी तरह से जांच करें। 

म्यूटेशन के चलते बनते हैं वायरस के नए वेरिएंट
बता दें कि म्यूटेशन जेनेटिक मैटेरियल (डीएनए या आरएनए) में बदलाव है। म्यूटेशन द्वारा वायरस लगातार खुद को बदले रहते हैं। इसके चलते वायरस के नए वेरिएंट सामने आते हैं। म्यूटेशन जीवों में डीएनए रेप्लिकेशन (एक डीएनए से दो डीएनए बनना) के समय होता है। वायरस का जेनेटिक मैटेरियल डीएनए या आरएनए दोनों में से कोई एक हो सकता है। कोरोना वायरस का जेनेटिक मैटेरियल आरएनए है। इसमें म्यूटेशन आरएनए रेप्लिकेशन के समय होता है।

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