
कर्नाटक. दुनियाभर के लोगों को कोरोना महामारी का डर सता रहा है। देशभर में कोरोना पॉजिटिव के मामले 5.5 लाख से ज्यादा पहुंच चुके हैं, जिसमें 17 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवां दी है। खबरें थीं कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए जगह प्रयाप्त नहीं मिल पा रही है तो ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि उनकी सरकार ने शवों का अंतिम संस्कार उनके धर्मों के अनुसार करवा दिया है। लेकिन, अब कर्नाटक के बेल्लारी में कोरोना से जंग हार चुके लोगों के शवों के साथ बदसलूकी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें शवों को दफनाने के बजाय एक ही गड्ढे में फेंकते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। इस घटना पर कांग्रेस और जेडीएस ने कर्नाटक की बीजेपी सरकार की आलोचना की है।
शवों को गड्डे में फेंकते दिखाई दिए लोग
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे शवों के साथ बदसलूकी के इस वीडियो में देखने के लिए मिल रहा है कि एक-एक कर एम्बुलेंस से शवों को निकाला जाता है और बेदर्दी से गड्ढे में कूड़े की तरह फेंक दिया जाता है। वीडियो में पीपीई सूट पहने कर्मचारी गड्ढे में शव डालते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। वहीं, पास ही में एक जेसीबी मशीन भी दिख रही है। अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि इन शवों के लिए इसी जेसीबी से गड्ढा खोदा गया था। सरकारी कर्मचारियों के ऐसे बर्ताव पर राजनीतिक दल भी नाराजगी जता रहे हैं।
कांग्रेस और जेडीएस ने बीजेपी सरकार को घेरा
शवों के साथ बदसलूकी के इस वीडियो पर कांग्रेस और जेडीएस ने कर्नाटक की बीजेपी सरकार को घेर लिया। जेडीएस ने अपने ट्वीट में लिखा, 'सावधान हो जाइए, अगर खुदा ना खास्ता आपका या आपके परिवार का कोई सदस्य कोविड-19 से मर जाता है तो कर्नाटक की बीजेपी सरकार इस तरह शव को अन्य शवों के साथ एक गड्ढे में फेंक देती है।' जेडीएस ने पूछा कि क्या यही वैल मैनेजमेंट है, जिसकी हर दिन मीडिया में चर्चा की जाती है।
कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार ने भी येदियुरप्पा सरकार को घेरा और ट्वीट में लिखा, 'बेल्लारी में कोरोना मरीजों के शवों को ऐसी अमानवीयता से गड्ढे में फेंका जाना विचलित करने वाला है। इससे पता चलता है कि सरकार कोरोना संकट को किस तरह संभाल रही है। मैं बीजेपी सरकार से अपील करता हूं कि वो इसपर संज्ञान लें।' मामले ने तूल पकड़ा तो बेल्लारी प्रशासन भी हरकत में आया। बेल्लारी के डीसी ने बताया कि उन्होंने वीडियो देखने के बाद जांच के आदेश दे दिए हैं। पहली नजर में ऐसा लगता है कि प्रोटोकॉल का पालन हुआ है, लेकिन मानवता के लिहाज से देखा जाए तो जो हुआ वो गलत है। मृतकों के शवों के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए।
सरकार ने लिया एक्शन
हालांकि, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी. श्रीरामुलु ने कहा है कि जो स्वास्थ्यकर्मी इस घटना में शामिल थे, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसा करते वक्त प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। वहीं, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी घटना पर हैरानी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि 'कोविड पीड़ित लोगों के शवों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों का ऐसा बर्ताव अमानवीय और दर्दनाक है।' मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्यकर्मियों से अपील करते हुए कहा कि 'मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है, लिहाजा शवों का अंतिम संस्कार सम्मान के साथ करें।'
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