
Leh Violence: लेह में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। गुरुवार को कर्फ्यू लागू रहा, और इससे पहले सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़प में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। इस हिंसक प्रदर्शन में अब तक लगभग 90 लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए लेह के जिला मजिस्ट्रेट रोमिल सिंह डोनक ने शुक्रवार से दो दिन के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया। इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कर्फ्यू वाले इलाकों में स्थिति नियंत्रण में है और फिलहाल किसी और अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।इस बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अपनी पखवाड़े भर चल रही भूख हड़ताल बीच में ही रोकनी पड़ी। उन्होंने हिंसा की कड़ी निंदा की और कहा, “यह लद्दाख के लिए सबसे दुखद दिन है। पिछले पांच सालों से हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है। युवाओं से अपील है कि हिंसा तुरंत बंद करें, क्योंकि इससे हमारा आंदोलन कमजोर होगा।” हालांकि, केंद्र सरकार ने वांगचुक पर भीड़ द्वारा हुई हिंसा के लिए जिम्मेदारी का आरोप लगाया और कहा कि यह उनके भड़काऊ बयानों से प्रेरित थी।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में गुरुवार को शांति रही और पुलिस व अर्धसैनिक बलों ने लेह शहर में कर्फ्यू कड़ी निगरानी के बीच लागू रखा। गुरुवार शाम कर्फ्यू एक दिन और बढ़ा दिया गया है। बुधवार को लेह में राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। इस हिंसा में चार लोग मारे गए और करीब 90 लोग घायल हुए। इसके बाद 50 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया।
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केंद्र सरकार ने इस हिंसा के लिए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। CBI ने वांगचुक की NGO, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लद्दाख के खिलाफ विदेशी फंडिंग मामले की जांच शुरू कर दी है। सरकार ने उनके NGO की विदेशी फंडिंग का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। अब CBI टीम NGO के अकाउंट और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
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