
नई दिल्ली. दिल्ली में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कालाबाजारी के मामले में नवनीत कालरा को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दिल्ली की साकेत कोर्ट ने कालरा की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी है। दरअसल, कोर्ट में दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने बताया कि कोरोना काल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को ऊंचे दाम में बेचना धोखा है।
दिल्ली पुलिस की ओर से कोर्ट में कहा गया कि इस केस में इसमें 420 का मुकदमा बनता है और 7 साल की सजा का प्रावधान है। इसलिए यह अग्रिम जमानत की याचिका रद्द होनी चाहिए।
18 हजार का कंसंट्रेटर 50 से 70 हजार में बेचा जा रहा था
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में बताया था कि कालरा व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए 18 हजार के कंसंट्रेटर को 50 से 70 हजार तक बेच रहा था। ये कोरोना महामारी में धोखा है। इतना ही नहीं पुलिस ने बताया था कि कालरा ने जो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचे हैं, वो काफी खराब क्वालिटी के थे। कई काम भी नहीं कर रहे थे।
क्या है मामला?
कोरोना महामारी में ऑक्सीजन संकट के बीच दिल्ली पुलिस ने हाल ही में राजधानी से 544 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर जब्त किए थे। इनमें से 105 खान चाचा रेस्टोरेंट और टाउन हॉल से मिले थे। इनका मालिक नवनीत कालरा है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमें कालरा को खोज रही हैं। उनकी तलाश में दिल्ली, एनसीआर समेत 20 से ज्यादा जगहों पर छापे मारी की जा चुकी है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने कालरा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। पुलिस को शक है कि वह विदेश भाग सकता है।
पुलिस ने गुरुग्राम से गौरव खन्ना को भी गिरफ्तार किया है। वह खन्ना मैट्रिक्स सेल्युलर सर्विस लिमिटेड का सीईओ है। यह कंपनी उपकरण आयात करने वाली कंपनियों में से एक है।
दोस्ते के साथ मिलकर कालाबाजारी कर रहा था नवनीत
पुलिस के मुताबिक, नवनीत दोस्त गगन दुग्गल के साथ मिलकर ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कालाबाजारी कर रहा था। वह इन्हें ज्यादा दामों में बेच रहा था। पुलिस को शक है कि कालरा पहले भी ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर बेच चुका है।
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