
नई दिल्ली। राजधानी के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल लाल किले के पास सोमवार शाम को एक भयंकर धमाका हुआ। यह धमाका इतना ज़ोरदार था कि आसपास की गाड़ियों के शीशे टूट गए और लाल किले मेट्रो स्टेशन के कांच भी क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हुए। शुरुआती जांच में पता चला कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर का इस्तेमाल हुआ। इस धमाके से पहले ही फरीदाबाद में एक संदिग्ध कश्मीरी डॉक्टर डॉ. उमर के किराए के मकान से करीब 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और बम बनाने के उपकरण बरामद हुए थे। मौके से AK-47 राइफल भी मिली। पुलिस के अनुसार, डॉ उमर इस JeM आतंकी नेटवर्क का सरगना बताया जा रहा है और वह गिरफ्तारी से बच रहा था।
पुलिस के मुताबिक, धमाका चलती हुंडई i20 कार में हुआ जिसमें तीन लोग सवार थे। चश्मदीदों ने बताया कि धमाका इतना तेज़ था कि वे कई मिनट तक कुछ सुन नहीं पाए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सुसाइड बॉम्बर हमला था या किसी और ने इसे अंजाम दिया। दिल्ली पुलिस और J&K पुलिस अब इस मामले में दूसरी केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर हर एंगल से जांच कर रही हैं। उन्होंने कार मालिक और संदिग्धों के ट्रैकिंग रूट का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज स्कैन करना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद में डॉ उमर के किराए के मकान से भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट, IED बनाने के उपकरण और हथियार बरामद हुए थे। धमाके के कुछ घंटे बाद लाल किले के पास यह हमला हुआ। पुलिस इस कनेक्शन की जांच कर रही है कि क्या यही विस्फोटक इस कार धमाके में इस्तेमाल किए गए।
डॉ उमर को JeM आतंकी साजिश में शामिल बताया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हमला सिर्फ उसकी योजना थी या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा। राजधानी में हुई यह घटना शहरवासियों में डर और सस्पेंस पैदा कर रही है।
धमाके के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। पुलिस ने सीमा चौकियों पर सुरक्षा बढ़ा दी और सभी गाड़ियों की चेकिंग तेज कर दी। चांदनी चौक बाजार और आसपास के इलाके बंद कर दिए गए। लोग धमाके के बाद अफरा-तफरी में भागते देखे गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लिया और मृतकों पर दुख जताया। विपक्षी पार्टियों ने घटना की पूरी और जल्द जांच की मांग की है।
पुलिस धमाके से पहले कार के रूट का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज स्कैन कर रही है। स्थानीय लोगों और चश्मदीदों से घटना से पहले किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। मोबाइल डंप डेटा और संदिग्ध आतंकवादियों के डॉसियर भी जांच के लिए स्कैन किए जा रहे हैं।
धमाके के बाद यह सवाल उठता है कि क्या यह हमला अकेले डॉ उमर की योजना थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छुपी हुई है। राजधानी में हाई अलर्ट और सुरक्षा बढ़ाई गई है, लेकिन आम लोग अब भी दहशत में हैं।
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