टिल्लू ताजपुरिया गैंग का सहयोगी गिरफ्तार, अलीपुर फायरिंग केस में हुई कार्रवाई।

Published : Jul 01, 2026, 01:00 PM IST
Delhi Police arrest alleged associate of the Tillu Tajpuria gang (Photo/Delhi Police)

सार

दिल्ली पुलिस ने अलीपुर फायरिंग मामले में टिल्लू ताजपुरिया गैंग के सहयोगी संदीप उर्फ डागू महाराज और उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है। पिछले साल विवादित जमीन पर कब्जे के लिए करीब 12 राउंड फायरिंग हुई थी। आरोपियों के पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं।

नई दिल्ली [भारत], 1 जुलाई (एएनआई): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिछले साल अलीपुर में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना के सिलसिले में टिल्लू ताजपुरिया गैंग के एक कथित सहयोगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि यह घटना एक विवादित संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश के दौरान हुई थी, जिसमें करीब 12 राउंड फायरिंग की गई थी।

आरोपियों की पहचान सोनीपत, हरियाणा के रहने वाले संदीप उर्फ डागू महाराज (40) और उसके चचेरे भाई दीपक (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि संदीप टिल्लू ताजपुरिया गैंग का एक सक्रिय सहयोगी है।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना 30 अक्टूबर, 2025 को हुई थी, जब अलीपुर थाना क्षेत्र के रमजानपुर गांव में एक विवादित प्लॉट पर जबरन कब्जा करने के लिए 30-45 हथियारबंद लोग कथित तौर पर पहुंचे थे। इस घटना के दौरान, हमलावरों ने कथित तौर पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें करीब 12 राउंड फायर किए गए, लोगों पर लाठी-डंडों से हमला किया और प्लॉट का ताला तोड़ने की कोशिश की।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

एक विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, क्राइम ब्रांच की एक टीम ने नरेला इलाके में जाल बिछाया और एक काले रंग की एसयूवी को रोका। कार में बैठे लोगों ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी देर पीछा करने के बाद उन्हें पकड़ लिया गया।

हथियार बरामद

पुलिस ने संदीप के पास से चार जिंदा कारतूसों से भरी एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, दीपक के पास से चार अतिरिक्त जिंदा कारतूस बरामद किए और आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई एसयूवी को जब्त कर लिया। क्राइम ब्रांच थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मामला भी दर्ज किया गया है।

पूछताछ में हुए कई खुलासे

पूछताछ के दौरान, संदीप ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह सोनीपत जेल में बंद रहने के दौरान गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के संपर्क में आया था और 2022 में रिहा होने के बाद उसके गिरोह में शामिल हो गया। उसने आगे आरोप लगाया कि उसे गिरोह द्वारा एक पिस्तौल मुहैया कराई गई थी और वह इसके सदस्यों के संपर्क में बना हुआ था।

पुलिस ने कहा कि संदीप ने अलीपुर फायरिंग मामले में अपनी भूमिका भी कबूल की है, और दावा किया कि उसे और गिरोह के अन्य सदस्यों को विवादित संपत्ति पर जबरन कब्जा करने में मदद के लिए हथियारों के साथ बुलाया गया था।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, संदीप दिल्ली और हरियाणा में हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के अपराधों सहित कई आपराधिक मामलों में शामिल है। दीपक भी हत्या, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस मामलों सहित कई आपराधिक मामलों में शामिल है। (एएनआई)

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