
नई दिल्ली. दिल्ली हिंसा और आईबी अधिकारी की मौत के आरोपी ताहिर हुसैन को 7 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। बता दें कि आम आदमी पार्टी से निलंबित नेता और पार्षद ताहिर हुसैन को 5 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। ताहिर हुसैन के मोबाइल की आखिरी लोकेशन 27 फरवरी को नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के मुस्तपाबाद में मिली थी। इसके बाद इसने अपना फोन ऑफ कर लिया था। तभी से पुलिस को इसकी तलाश थी।
क्राइम ब्रांच ने 5 घंटे में पूछे 20 सवाल
राउज एवेन्यू कोर्ट में सरेंडर करने पहुचे ताहिर हुसैन को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद 5 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ताहिर हुसैन से 20 सवाल पूछे गए।
ताहिर हुसैन से क्या-क्या पूछा गया?
ताहिर हुसैन से पूछा गया कि घटना के वक्त वह कहां था? इसके अलावा फरार होने के बाद ताहिर हुसैन कहां-कहां गया? पुलिस से छिपने में उसकी किसने मदद की? बिल्डिंग में मौजूद दंगाई क्या उसके जानकार थे? क्या इस दंगे को किसी साजिश के तहत अंजाम दिया गया?
ताहिर का सौतेला भाई भी फरार
क्राइम ब्रांच को ताहिर के सौतेले भाई की भी खोज है। वह फरार चल रहा है। पुलिस को शक है कि हिंसा के दौरान ताहिर हुसैन की छत से पत्थर, पेट्रोल बम फेंके जा रहे थे उस वक्त ताहिर हुसैन का भाई भी वहां पर मौजूद था। चांदबाग हिंसा में भी उसकी भूमिका सामने आई है।
ताहिर हुसैन ने कपिल मिश्रा पर आरोप लगाया था
पुलिस हिरासत से पहले ताहिर हुसैन ने एक टीवी इंटरव्यू में कपिल मिश्रा पर फंसाने का आरोप लगाया था। ताहिर ने कहा था कि हमारे पुराने साथी कपिल मिश्रा रहे हैं। उनका ही इसमें कोई खेल रहा है। मेरे खिलाफ जिस तरह साजिश रची गई, जब मैं 24 को वहां से निकल गया तो 25 तारीख की घटना में मेरा नाम कैसे आ रहा है।
कब शुरू हुई थी दिल्ली हिंसा?
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में 23 फरवरी (रविवार) की शाम से हिंसा की शुरुआत हुई। इसके बाद 24 फरवरी पूरे दिन और 25 फरवरी की शाम तक आगजनी, पत्थरबाजी और हत्या की खबरें आती रहीं। हिंसा में 47 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक हेड कॉन्स्टेबल और एक आईबी का कर्मचारी भी शामिल है।
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