
दिल्ली. किसाना आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के बाद चर्चाओं में आए टूलकिट केस की आरोपी मुंबई की वकील निकिता जैकब की अग्रिम जमानत पर आज सुनवाई होगी। निकिता ने पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष दायर जमानत याचिका में तर्क रखा था कि मुंबई हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को उनको तीन सप्ताह के लिए राहत प्रदान की थी। निकिता ने कहा कि पुलिस ने उनके खिलाफ फर्जी तरीके से मामला दर्ज किया है। उन्होंने कानून का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं है। इस मामले में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अपना जवाब पेश करने के लिए 9 मार्च तक का समय दिया है।
निकिता ने अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने मामले की जांच में अपना पूरा सहयोग किया है। फिर भी उन्हें आशंका है कि पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। बता दें कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर शेयर की गई टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस मामले की आरोपी दिशा रवि जमानत पर हैं। वहीं एक अन्य आरोपी शांतनु मुलुक की गिरफ्तारी पर अदालत ने 9 मार्च तक रोक लगा रखी है।
क्या है टूलकिट
टूलकिट (Toolkit) किसी मुद्दे को समझाने के लिए बनाया गया एक खास डॉक्यूमेंट होता है। इसका मकसद किसी विषय को प्रैक्टिकली समझाना होता है। जहां तक आंदोलनों की बात है, तो इसे आंदोलनकारियों को सरल भाषा मे समझाया जाता है कि उन्हें कैसे आंदोलन करना है, कैसे-कब और कहां रैली निकालना है। इस डाक्यूमेंट को सोशल मीडिया के जरिये लोगों तक पहुंचा दिया जाता है। किसान आंदोलन में सबसे पहले यह टूलकिट क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) ने शेयर की थी। इस मामले में पहली गिरफ्तारी दिशा रवि (Disha Ravi) की हुइ थी। हालांकि ग्रेटा थनबर्ग ने दिशा रवि के कहने पर ट्विटर से अपना ट्वीट हटा लिया था।
यह भी पढ़ें
टूलकिट केस: दिशा रवि को मिली जमानत, आज निकिता और शांतनु के सामने बैठाकर पूछताछ की गई
टूलकिट केस: एक दिन की पुलिस हिरासत में दिशा रवि, निकिता- शांतनु के सामने बैठकर पुलिस करेगी पूछताछ
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.