
नई दिल्ली. दिल्ली हिंसा में आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को कोर्ट ने जमानत दे दी है। दिल्ली कोर्ट ने कहा कि केवल हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए खालिद को अनिश्चिकाल तक जेल में रखा नहीं जा सकता। खालिद को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। खालिद पर आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के साथ मिलकर दंगे भड़काने का आरोप है।
दिल्ली में फरवरी में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन हुए थे। इनकी आड़ में ही दिल्ली में हिंसा फैली थी। इन हिंसा में करीब 53 लोगों की मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या और हिंसा फैलाने के आरोप में आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को गिरफ्तार किया था। ताहिर ने ही खालिद से मुलाकात का जिक्र किया था।
UAPA के तहत हुई थी गिरफ्तारी
खालिद की गिरफ्तारी गैरकानूनी गतिविधियां कानून यानी UAPA के तहत की गई थी। उमर खालिद जेएनयू में 2016 में कथित तौर पर देश विरोधी दंगे हुए थे। इसमें उमर खालिद भी आरोपी बनाए गए थे। पुलिस ने देशद्रोह के मामले में कन्हैया कुमार के साथ उन्हें भी गिरफ्तार किया था।
8 जनवरी को उमर खालिद से मिला था हुसैन
ताहिर हुसैन ने बताया वह 8 जनवरी को शाहीन बाग स्थित पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यालय में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद से मिला था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हुसैन का काम ज्यादा से ज्यादा शीशे की बोतल, पेट्रोल, एसिड, पत्थर को अपने छत पर इकट्ठा करना था। वहीं एक अन्य आरोपी खालिद सैफी का काम प्रदर्शन करने के लिए लोगों को इकट्ठा करने का था।
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