
नेशनल डेस्क। नीट परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस दौरान नीट में धांधली को लेकर छात्रों की ओऱ से कई सारी याचिकाएं डाली गई हैं। फिलहाल पांचवी याचिका में याचिकाकर्ताओं ने मांग की है जो छात्र नीट परीक्षा में 620 से अधिक अंक हासिल किए हैं उनका बैकग्राउंड चेक कराने के साथ फॉरेंसिक जांच भी कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान परीक्षा को रद्द करने की मांग पर जोर दिया गया। वहीं दूसरी ओर नीट परीक्षा रद्द किए जाने की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
नीट में गड़बड़ी मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सभी याचिकाओं की सुनवाई एक साथ करने के लिए सुप्रीम कोर्ट देश के अलग-अलग हिस्सों से याचिकाओं को क्लब कर एक साथ सुनवाई करने की मांग की है। एनटीए ने नीट मामले में सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए 4 याचिकाएं दायर की हैं। कोर्ट की वेकेशन बेंच के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एसवीएन भट्टी नीट मामलों की सुनवाई करेंगे।
काउंसलिंग पर रोक लगाने से कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट में NEET UG परीक्षा विवाद को लेकर लगातार सुनवाई की जा रही है। इस मामले में काउंसिलिंग पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका पर फिर से कोर्ट ने याचिकार्ताओं को झटका दिया है। कोर्ट ने इसकी काउंसलिंग पर रोक लगाने से फिर इनकार कर दिया है। इससे पहले भी काउंसिलिंग पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका को 11 जून को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अब परीक्षा रद्द करने को लेकर सुनवाई की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष ये याचिकाएं
याचिकाकर्ताओं ने मांग की है नीट परीक्षा में ग्रेस माकिंग हटा देनी चाहिए। नीट को कैंसिल कर दोबारा आयोजित किया जाना चाहिए। इसके अलावा यदि ओएमआर शीट और फाइनल स्कोर कार्ड में दिए मार्क्स में अंतर है तो रिजल्ट का रीवैल्यूएशन होना चाहिए। इसके अलावा एक ही सेंटर से एक साथ 6 कैंडिडेट के ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करना भी संदिग्ध है।
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