त्रिपुरा में 9 जुलाई से बिजनेस कॉन्क्लेव, 1 लाख करोड़ के निवेश की संभावना

Published : Jul 06, 2026, 07:00 AM IST
Tripura Chief Minister Manik Saha (Photo/ANI)

सार

त्रिपुरा में 9 जुलाई से 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026' शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि इसमें करीब 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद है। इसका मकसद राज्य में रोजगार के अवसर और GSDP को बढ़ाना है।

अगरतला (त्रिपुरा) [भारत], 6 जुलाई (एएनआई): त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को कहा कि 9 जुलाई से शुरू हो रहे दो दिवसीय 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026' में करीब 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहेंगे।

उन्होंने कहा कि दो दिवसीय 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026' 9 जुलाई से हापानिया अंतरराष्ट्रीय मेला परिसर में शुरू होने जा रहा है। इस अवसर पर आज मेला परिसर के सभागार में मुख्यमंत्री माणिक साहा की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर

बैठक में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के अलावा, प्रति व्यक्ति आय और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़ाने के लिए राज्य में घरेलू और विदेशी निवेश नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा, "उस संबंध में, इस तरह के बिजनेस कॉन्क्लेव का महत्व निर्विवाद है। यह पहली बार है कि राज्य में इतने बड़े पैमाने पर बिजनेस कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जो इस संबंध में अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लेकर कर्मचारियों तक, देश के कल्याण के लिए काम करने की मानसिकता बनाई है।"

1 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य

साहा ने चर्चा में आगे कहा कि राज्य में सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों ने G20 और NEC की प्लेनरी बैठकों के आयोजन में 'टीम त्रिपुरा' के रूप में मिलकर काम किया है। उन्होंने कहा कि इस साल के बिजनेस कॉन्क्लेव में करीब 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है। उन्होंने कहा, "संबंधित विभाग इस दिशा में काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन और पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न परियोजनाओं में अधिकतम निवेश की संभावना है।"

उन्होंने कहा कि पिछले साल के बिजनेस कॉन्क्लेव में करीब 30,000 करोड़ रुपए के निवेश के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसमें से 8,000 करोड़ रुपए के निवेश से जुड़ा काम पहले ही धरातल पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को सुझाव भी दिए।

बैठक में मुख्य सचिव जेके सिन्हा, डीजीपी अनुराग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव किरण गिट्टे, विधायक मीनारानी सरकार, प्रधान सचिव शांतनु, विभिन्न विभागों के सचिव, निदेशक और सभी स्तरों के अधिकारी मौजूद थे।

कई देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मेला परिसर में विभिन्न विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के 20 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल थीम पर लगाए जाएंगे। इसमें देश-विदेश से करीब 500 प्रतिनिधियों के उपस्थित रहने की उम्मीद है। विभिन्न देशों के दूतावासों, उच्चायोगों और सलाहकारों को आमंत्रित किया गया है।

बांग्लादेश, फिलीपींस, कजाकिस्तान, मालदीव, नेपाल और उज्बेकिस्तान जैसे देशों के प्रतिनिधियों ने पहले ही कॉन्क्लेव में अपनी उपस्थिति की पुष्टि कर दी है। इसके अलावा, रूस और इंडोनेशिया के प्रतिनिधि भी भाग लेने के इच्छुक हैं। इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य, पर्यटन, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, रियल एस्टेट, खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ चाय, रबर और अगर आधारित उद्योग सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे। (एएनआई)

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