
देहरादून (उत्तराखंड) [भारत], 13 जुलाई (एएनआई): उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने सोमवार को कहा कि राज्य एसटीएफ की साइबर टीम ने डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी मामले में हरियाणा से एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी वह लाभार्थी खाताधारक था जिसे साइबर धोखाधड़ी की आय से 50 लाख रुपये मिले थे। इससे पहले इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसएसपी, एसटीएफ उत्तराखंड ने कहा कि नैनीताल के एक निवासी ने अगस्त 2025 में रुद्रपुर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में डिजिटल अरेस्ट घोटाले के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर धोखेबाजों ने कथित तौर पर खुद को महाराष्ट्र साइबर क्राइम यूनिट का अधिकारी बताकर झूठा दावा किया कि पीड़ित के नाम पर खोले गए एक बैंक खाते का इस्तेमाल 60 करोड़ रुपए के लेनदेन वाले मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है। एसएसपी सिंह ने आगे कहा कि पीड़ित के बैंक खातों के ऑनलाइन वेरिफिकेशन के बहाने, धोखेबाजों ने पीड़ित को 12 दिनों तक व्हाट्सएप कॉल के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" में रखा और पीड़ित को कुल 1.47 करोड़ रुपए कई बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए धोखाधड़ी से प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि धोखाधड़ी की गई राशि में से 50 लाख रुपए गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अंततः उसे तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य और निरंतर निगरानी के आधार पर एसटीएफ साइबर टीम ने हरियाणा में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के अंबाला जिले के शाह पुलिस स्टेशन के तहत रविदास मंदिर के पास पिलखनी गांव के निवासी भूपिंदर सिंह के रूप में हुई है। (एएनआई)
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